इटावा

भूमि विवादों के समाधान हेतु इटावा में श्रावस्ती मॉडल पर चल रहा अभियान: 259 ग्रामों में 184.057 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त

भूमि विवादों के समाधान हेतु इटावा में श्रावस्ती मॉडल पर चल रहा अभियान: 259 ग्रामों में 184.057 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त

 

इटावा, विशाल समाचार संवाददाता– शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल भूमि विवादों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से जनपद इटावा में “श्रावस्ती मॉडल” आधारित विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान आयुक्त कानपुर मण्डल के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल के नेतृत्व में दिनांक 05.05.2025 से आरंभ हुआ है।

 

इस अभियान के तहत जनपद की सभी छह तहसीलों तथा सभी 20 थानों में सप्ताह में दो दिन – मंगलवार और गुरुवार – को कार्यवाही की जाती है। सर्वाधिक विवादित ग्रामों का चयन कर राजस्व व पुलिस की 10 सदस्यीय संयुक्त टीमें मौके पर जाकर ग्रामवासियों की उपस्थिति में आपसी सुलह, जांच, पैमाइश व दस्तावेज़ों के आधार पर भूमि विवादों का समाधान करती हैं। टीमों का नेतृत्व उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी अथवा उप निरीक्षक करते हैं।

 

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का भी भौतिक रूप से अनुपालन कराया जाए। इसी क्रम में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत तहसील भरथना, सदर, सैफई, चकरनगर एवं ताखा में कुल दर्जनों प्रकरणों का समाधान कराया गया है।

 

अभियान का जनपद स्तर पर पर्यवेक्षण अपर जिलाधिकारी (वि/रा) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव तथा तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है।

 

आज दिनांक 26.06.2025 को जनपद की छह तहसीलों के अंतर्गत 11 थानों के 23 ग्रामों में टीमें पहुँचीं। वहां कुल 127 प्रकरणों की पहचान कर सभी मामलों का सफल समाधान कराया गया। इस प्रक्रिया में 10.66 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई। इसमें 27 नाली, 50 सार्वजनिक रास्ते, 01 तालाब, 04 खलिहान, 9 खाद गड्ढे, 12 नवीन परती / बंजर भूमि और 02 अन्य श्रेणियों की भूमि शामिल है।

 

अब तक चलाए गए अभियान के दौरान 259 ग्रामों में कुल 1492 भूमि विवादों का निस्तारण किया गया है और 184.057 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। यह अभियान प्रशासन की संवेदनशीलता और ज़मीनी स्तर पर न्याय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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