पूणे

अवध राजपूत विकास संघ की विशेष बैठक 20 जुलाई को पुणे में आयोजित — सदस्यता अभियान में सभी की अनिवार्य सहभागिता

संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम:

अवध राजपूत विकास संघ की विशेष बैठक 20 जुलाई को पुणे में आयोजित सदस्यता अभियान में सभी की अनिवार्य सहभागिता

ब्यूरो विशाल समाचार पुणे 

पुणे: अवध राजपूत समाज को एकजुट करने, संगठन की संरचना को मजबूत करने और नवसदस्य पंजीकरण को गति देने के उद्देश्य से अवध राजपूत विकास संघ, पुणे द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक रविवार, दिनांक 20 जुलाई 2025 को दोपहर 4 बजे से “2046 –वेद शास्त्र तेजस सभा हॉल, नियर विश्व होटल, अपोजिट बाबूराव सणस ग्राउंड, सदाशिव पेठ, पुणे” में संपन्न होगी।

इस बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमाशंकर सिंह जी करेंगे। बैठक में संघ के पदाधिकारी, कमेटी सदस्य, पिंपरी-चिंचवाड़ और पुणे के क्षेत्रीय प्रतिनिधि एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।

बैठक के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

सदस्यता अभियान को संगठन स्तर पर सक्रिय रूप से प्रारंभ करना, ताकि अधिक से अधिक समाजजन संगठन से औपचारिक रूप से जुड़ें।

कस्बा मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति – जिससे स्थानीय स्तर पर नेतृत्व सुनिश्चित हो सके।

पिंपरी-चिंचवाड़ एवं पुणे महानगर क्षेत्र में सामूहिक सदस्यता अभियान चलाकर, सदस्यता प्रक्रिया को तीव्र गति देना।

संगठन के सभी पदाधिकारियों व कमेटी सदस्यों द्वारा स्वयं भी सदस्यता फॉर्म भरना एवं निर्धारित शुल्क जमा कर विधिवत सदस्य बनना।

सभी उपस्थित जनों को आधार कार्ड की प्रति एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य रहेगा, ताकि ऑनस्पॉट सत्यापन व पंजीकरण की प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके।

इस कार्यक्रम का आयोजन कस्बा विधानसभा क्षेत्र के नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रमुख आयोजकों में श्री उमाशंकर सिंह, श्री कमलेश सिंह एवं श्री संजय सिंह शामिल हैं, जो सदस्यता अभियान को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभा रहे हैं।

संघ के सचिव श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह बैठक केवल एक संगठनात्मक औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सदस्यता अभियान समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को प्रेरित करने और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से राजपूत समाज को एकजुट करने का माध्यम बनेगा।

 

विशेष सूचना:बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है। साथ ही संघ से जुड़े अन्य सदस्यगण एवं इच्छुक नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे समय से पहुंचे और सदस्यता प्रक्रिया में सहभागी बनें। “यह केवल एक बैठक नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है — संगठन की शक्ति, सहभागिता की पहचान और समाज की गरिमा की पुनः प्रतिष्ठा,” श्री उमाशंकर सिंह

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