
फर्जी एसडीएम बनकर लूट करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार, इटावा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तमंचा, स्कॉर्पियो और नकदी बरामद
ब्यूरो विशाल समाचार इटावा
इटावा : जनपद इटावा में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना सैफई पुलिस एवं एसओजी/सर्विलांस टीम ने फर्जी एसडीएम बनकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी थाना क्षेत्र के हैवरा बाईपास से करहल बाईपास जाने वाले मार्ग के पास से की गई।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से दो तमंचा 315 बोर, दो जिन्दा कारतूस, एक स्कॉर्पियो गाड़ी (UP32 PT0932), एक काला पर्स, दो क्रेडिट/डेबिट कार्ड (HDFC/KOTAK), एक आधार कार्ड और चार हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि 11 जुलाई 2025 को उन्होंने ब्ला-ब्ला ऐप के माध्यम से एक सवारी को लखनऊ से फिरोजाबाद के लिए बैठाया और थाना सैफई क्षेत्र में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर तमंचों के बल पर उसका पर्स और मोबाइल लूट लिया। इस संबंध में थाना सैफई पर मु.अ.सं. 159/2025 धारा 309(4) बीएनएस पंजीकृत है।
मुख्य अभियुक्त अमर पाण्डेय ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करता था, लेकिन असफल रहने के बाद खुद को आईएएस प्रोबेशनरी और एसडीएम ऊन (जनपद शामली) बताने लगा। उसने फर्जी लेटर और स्कॉर्पियो पर ‘मजिस्ट्रेट’ लिखवा रखा था। यह पद वह टोल टैक्स बचाने, लोगों को भ्रमित करने तथा आपराधिक गतिविधियों से बचने के लिए उपयोग करता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 309(4)/319(2)/336(3)/338/340(2)/317(2) बीएनएस व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। साथ ही स्कॉर्पियो वाहन को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अमर पाण्डेय पुत्र इन्द्र कुवर पाण्डेय निवासी ग्राम बेलवा विन्होनी भीखमपुर, थाना बलरामपुर देहात, जनपद बलरामपुर तथा रामाधीन पुत्र रामदेव निवासी समदा, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर शामिल हैं।
उक्त सफल कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा संयुक्त पुलिस टीम को 15,000 रुपये प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया गया है।


