पूणे

आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक की मांग पर हजारों भीम सैनिकों का धरना आंदोलन

आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक की मांग पर हजारों भीम सैनिकों का धरना आंदोलन

रिपोर्ट डीएस तोमर पुणे 

पुणे,:मंगलवार पेठ स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक भवन विस्तार कृती समिति के आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हजारों भीम सैनिकों ने राष्ट्रीय स्मारक निर्माण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना आंदोलन किया। आंदोलन में यह मांग जोरदार ढंग से उठाई गई कि मंगळवार पेठ के रस्ते विकास महामंडल की भूमि पर भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भव्य राष्ट्रीय स्मारक जल्द से जल्द बनाया जाए।

आंदोलन से पहले ही राज्य सरकार ने इस निर्धारित भूमि पर चल रहे निजी विकास कार्य को रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। आंदोलनकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक पहल बताया। धरने में किसी तरह की नारेबाजी या भाषण नहीं हुए, फिर भी उपस्थित अनुयायियों और नेताओं के बीच इस बात की खंत साफ नजर आई कि पश्चिम महाराष्ट्र और पुणे में अभी तक आंबेडकर का उपयुक्त स्मारक नहीं है।

 

धरने में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों से जुड़े आंबेडकरी नेता-कार्यकर्ताओं के साथ मुस्लिम समाज एवं अन्य समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और स्मारक की मांग को समर्थन दिया। महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

 

इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए पुणे लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ ने विशेष प्रयास कर रस्ते विकास महामंडल से विकास कार्य रोकने का पत्र प्राप्त किया। पुणे पुलिस आयुक्त ने भी मुख्यमंत्री से सीधे संपर्क कर इस पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया। आंदोलन में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी समर्थन व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार स्मारक के मुद्दे पर सकारात्मक है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के पालक मंत्री अजित पवार भी इस मांग के प्रति सकारात्मक रुख दिखा चुके हैं।

आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि अब किसी भी तरह का विलंब किए बिना स्मारक की घोषणा की जाए और कार्य शुरू करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया जाए। साथ ही स्मारक के लिए न्यूनतम 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करने की भी मांग रखी गई।

 

इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ ने आंदोलन के दौरान समिति के समन्वयकों से दूरभाष पर बात कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलन की गंभीरता से दखल ली है और वे इस विषय पर सकारात्मक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आंबेडकरी समाज को इस मांग के लिए दोबारा आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button