पूणे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संतश्रेष्ठ श्री ज्ञानेश्वर महाराज की 750वीं जयंती वर्ष पर स्वर्ण कलश का पूजन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संतश्रेष्ठ श्री ज्ञानेश्वर महाराज की 750वीं जयंती वर्ष पर स्वर्ण कलश का पूजन

ज्ञानेश्वरी के विश्वात्मक विचार पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक – मुख्यमंत्री

 

पुणे,: संतश्रेष्ठ श्री ज्ञानेश्वर महाराज की सप्तशतकोत्तर सुवर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित स्वर्ण कलशारोहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर महाराज ने पसायदान के माध्यम से समस्त विश्व के कल्याण की भावना व्यक्त की है। ज्ञानेश्वरी में निहित यह विश्वात्मक विचार भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है और विश्व को मार्गदर्शन देने वाला है।

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने आळंदी स्थित श्री ज्ञानेश्वर महाराज समाधि मंदिर में आयोजित इस भव्य आयोजन में कहा कि हमारी संस्कृति के प्राचीन मूल्यों को सुरक्षित रखने का श्रेय वारकरी संप्रदाय को जाता है। इस परंपरा ने कठिन ऐतिहासिक दौर में जाति और धर्म के भेद मिटाकर समाज में एकता स्थापित की। मात्र 21 वर्ष के जीवन में ज्ञानेश्वर माऊली ने जो विचार दिए, वे आज भी प्रेरणा देते हैं और अच्छे कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करते हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ दिन पर, गीता के मराठी विवेचनकर्ता संत ज्ञानेश्वर महाराज के समाधि मंदिर पर स्वर्ण कलश चढ़ना एक सुवर्णयोग है। भक्तों के समर्पण से संभव हुआ यह स्वर्ण कलश 22 किलो का है, जिसे मंदिर पर चढ़ाया गया। साथ ही महादजी शिंदे द्वारा निर्मित महाद्वार का जीर्णोद्धार कर उसकी मूल गरिमा को पुनः स्थापित किया जाएगा। ज्ञानेश्वरी की 9,000 ओवियां अब ऑडियो बुक के रूप में सभी भाषाओं में उपलब्ध होंगी, जिससे यह विचार पूरी दुनिया तक पहुंचेगा।

 

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आह्वान – छोटे ऑडियो क्लिप से नई पीढ़ी तक पहुंचाएं ज्ञानेश्वरी का विचार

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वारकरी परंपरा समाज को सन्मार्ग दिखाने वाली एक बड़ी शक्ति है। इस परंपरा ने कठिन समय में भागवत धर्म को जीवित रखा। ज्ञानेश्वरी के विचारों को नई पीढ़ी तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए 2-3 मिनट के छोटे ऑडियो क्लिप बनाकर प्रसारित किए जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आळंदी विकास आराखड़े के लिए राज्य सरकार पूरी मदद करेगी।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों स्वर्ण कलश पूजन और श्री ज्ञानेश्वरी (सार्थ) ऑडियो बुक का विमोचन किया गया। उपमुख्यमंत्री शिंदे के हाथों महाद्वार जीर्णोद्धार कार्य का पूजन हुआ। कार्यक्रम में योगदान देने वाले दाताओं का सम्मान भी किया गया।

 

समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे, विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे, प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश महेंद्र महाजन, ह.भ.प. मारुती महाराज कुरेकर, ह.भ.प. नारायण महाराज जाधव, सांसद श्रीरंग बारणे, विधायक उमा खापरे, बापूसाहेब पठारे, महेश लांडगे, बाबाजी काळे, देवेंद्र पोटे, श्री ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान समिति के प्रमुख विश्वस्त एड. राजेंद्र उमाप, डॉ. भावार्थ देखणे, योगी निरंजन नाथ, एड. रोहणी पवार, चैतन्य कबीर, पुरुषोत्तम पाटील सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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