
संविधानिक मूल्यों के पालन से ही स्वतंत्रता सुरक्षित रहेगी – पुणे छात्र महोत्सव का संदेश
– पुणे की सौ से अधिक स्कूलों की भागीदारी
पुणे : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुवार्ता फाउंडेशन की ओर से पुणे में भव्य विद्यार्थी महोत्सव 2025 का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस महोत्सव से यह ठोस संदेश दिया गया कि “देश की स्वतंत्रता केवल संवैधानिक सिद्धांतों के पालन और विज्ञान-एकता के आधार पर ही कायम रह सकती है।”
महोत्सव में चित्रकला, भाषण, गायन जैसी विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का शहरस्तरीय आयोजन किया गया। छात्रों ने पर्यावरण प्रदूषण, संवैधानिक अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर प्रभावी प्रस्तुतियां दीं। पुणे शहर की सौ से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जोशपूर्ण सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक मोहन जोशी, आरजे संग्राम, हुलगेश चलवादी, सुरेंद्र पठारे, हाजी जुबेर मेमन, सुधाकर सदाफळ, फेबियान सैमसन, सत्यवान गायकवाड़, असुंता पारगे और नीलम पंडित के हाथों हुआ। इस अवसर पर संदीप बर्वे और शरद केदारी को सम्मानित किया गया, वहीं राहुल डंबाळे ने शुभकामनाएं दीं। गायन प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ स्कूल को पहला स्थान मिला और भाषण प्रतियोगिता में मनस्वी शिंदे प्रथम पुरस्कार से सम्मानित हुई। अन्य समूहों के अनुसार भी पुरस्कार वितरित किए गए।

सुवार्ता फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी लुकस केदारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता की रक्षा हेतु बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों को याद किया। उन्होंने कहा – “यह स्वतंत्रता अनगिनत शूरवीरों के बलिदान से मिली है। अब इसे बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को विज्ञान, एकता, सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। प्रदूषण कम करना, पर्यावरण संरक्षण, पढ़ाई को प्राथमिकता देना, मोबाइल का अति प्रयोग टालना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही सच्ची देश सेवा है।”
आरजे संग्राम ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण, एकता, यातायात जाम और जल संकट जैसी समस्याओं पर छात्रों को सजग नागरिक के रूप में योगदान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। आम आदमी पार्टी के समन्वयक अमित म्हस्के ने कहा कि 15 अगस्त को सभी नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाना चाहिए।
इस अवसर पर सुवार्ता फाउंडेशन की सचिव प्रतिमा केदारी, डॉ. रूपाली संभूस, शितल गायकवाड़, महिला कार्यकर्ता शरयू परब, रीना अरु, किशोर कांबळे और अंटन कदम भी मौजूद रहे।



