
जबानों के सम्मान में – विशाल समाचार मैदान में
टोल नाकों पर गुंडागर्दी चरम पर – जवान भी असुरक्षित, सरकार बनी मौन दर्शक!
तालीबान स्टाइल गुंडागर्दी – टोल नाकों पर कानून-व्यवस्था फेल
मेरठ के भूनी टोल प्लाज़ा पर भारतीय सेना के जवान को खंभे से बांधकर पीटने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना रविवार रात लगभग 8 बजे हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। छुट्टी पर घर जा रहे जवान को बेरहमी से पीटे जाने की यह घटना सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं है। यह उस बड़े सवाल की ओर इशारा करती है कि आखिर टोल प्लाज़ा कर्मचारियों की दबंगई और मनमानी कब तक जारी रहेगी?
देश की सरहद पर डटकर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाला जवान अगर अपने ही देश में टोल माफिया के हाथों अपमानित और घायल हो, तो यह सिर्फ जवान का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। जवान दिन-रात अपनी जान दांव पर लगाकर हमारी सुरक्षा करता है, और छुट्टी पर घर लौटते समय उसे टोल कर्मियों की गुंडागर्दी का शिकार होना पड़े – यह शर्म की बात है।
सरकार और मंत्री मौन क्यों?
कहा यूपी के डीजीपी मौन क्यों?
कहां है एडीजीपी मौन क्यों?
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें टोल माफिया की दबंगई पर चुप क्यों हैं? परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अक्सर बयान देते हैं – “शिकायत हो तो बताइए, हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।” लेकिन सवाल है – अगर कार्रवाई इतनी ही आसान है, तो टोल टैक्स खत्म क्यों नहीं किया जाता?
और अगर टोल टैक्स खत्म नहीं हो सकता, तो फिर टोल प्लाज़ा पर आर्मी या सीआरपीएफ की ड्यूटी क्यों नहीं लगाई जाती? ताकि आम जनता और जवान रोज़-रोज़ टोल माफिया के आतंक का शिकार न बनें।
यूपी, एमपी ही नहीं – पूरे देश में आतंक
यह सिर्फ यूपी या मेरठ का मामला नहीं है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार – हर राज्य से टोल प्लाज़ा की गुंडागर्दी के वीडियो और खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
कहीं आम जनता को पीटा जा रहा है, कहीं महिलाओं से बदसलूकी हो रही है और कहीं जवानों तक को नहीं छोड़ा जा रहा।
स्पष्ट है कि टोल कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें न कानून का डर है, न सरकार का भय। टोल कंपनियों की मनमानी और उनके कर्मचारियों की दबंगई आज जनता के लिए अभिशाप बन चुकी है।
जवान का सम्मान = देश का सम्मान
यह केवल एक जवान की पिटाई नहीं है, यह पूरे देश की सुरक्षा भावना और राष्ट्रीय सम्मान पर हमला है। जवान को अपमानित करना मतलब है देश की वर्दी का अपमान करना। यह हर उस नागरिक की भावनाओं पर चोट है जो जवानों को अपना संरक्षक मानता है।
अब और बर्दाश्त नहीं
अगर हालात यूं ही रहे तो वह दिन दूर नहीं जब टोल माफिया किसी को भी नहीं छोड़ेगा – क्योंकि उन्हें न कानून का डर है और न किसी सरकार की परवाह।
जनता पूछ रही है –
क्या योगी सरकार और केंद्र सरकार टोल प्लाज़ा की इस गुंडागर्दी को रोक पाएगी?
क्या जवानों और जनता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
या फिर सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी और टोल माफिया की मनमानी यूं ही चलती रहेगी?
क्या केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें टोल प्लाजा को बंद करेगी?
विशाल समाचार का संकल्प
विशाल समाचार साफ कहता है – जवानों के सम्मान में हम मैदान में हैं।
हम जनता की आवाज़ और जवानों की इज़्ज़त के लिए यह सवाल लगातार उठाएंगे।
सरकार चाहे चुप बैठे, सिस्टम चाहे दबा दे, लेकिन जवान और आम जनता के सम्मान की इस लड़ाई में
विशाल समाचार पीछे हटने वाला नहीं है।

