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आदिवासी ग्रामीण समुदाय को भूमिका निर्वहन एवं विकास के लिये

आदिवासी ग्रामीण समुदाय को भूमिका निर्वहन एवं विकास के लिये

प्रोत्साहित कर सशक्त बनाने में सहभागी बनें – कलेक्टर

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

आलोक कुमार तिवारी रीवा 

रीवा . जनजातीय विकास परिवर्तन के लिये व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शुभारंभ किया।

म.प्र. पर्यटन निगम के विन्ध्या रिट्रीट होटल में आयोजित आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर ने कहा कि आदिवासी ग्रामीण समुदाय को भूमिका निर्वहन एवं विकास के लिये प्रोत्साहित कर सशक्त बनाने में सहभागी बनें। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षकों को विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वयन के संबंध में प्रशिक्षित करें ताकि गांव के लोग यह सोचे कि उन्हें उनके गांव के विकास, युवाओं एवं बच्चों के गुणात्मक सुधार में प्राथमिकता तय कर सकें। उन्होंने अपेक्षा की कि संबंधित विभागीय प्रशिक्षकों से दिये जाने वाले प्रशिक्षण को तन्मयता एवं एकाग्रता से ग्रहण करें ताकि निचले स्तर तक बात को पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि आदि कार्य योगी योजनान्तर्गत जनजातीय गांव के प्लान, वहां की आवश्यकता एवं प्राथमिकता के अनुरूप निर्धारण के उद्देश्य से संचालित कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय ग्रामों के विकास में योगदान देने के लिये कर्मयोगी किसी भी स्वरूप में अपनी सहभागिता निभा सकते हैं।

प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी अभियान जनजातीय ग्रामों के विकास एवं व्यक्तियों का नेतृत्व निर्माण कर समाज व देश की मुख्य धारा से जोड़ने में सहायक होगा। जिला स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त कर मास्टर ट्रेनर्स विकासखण्ड व ग्राम स्तर पर मांग की पहचान कर तथा जनजातीय आवाज का एकीकरण कर मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में अथाह भण्डार हैं मगर उनका प्रदर्शन व लाभ नहीं मिल पाने से दोहन नहीं हो पाता। आदि कार्ययोगी अभियान सामुदायिक नेतृत्व का अभियान है जिसके माध्यम से समुदाय का विकास होगा।

इससे पूर्व जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग मंगलेश्वर सिंह ने बताया कि इच्छाशक्ति व समर्पण भाव से प्रशिक्षण प्राप्त करें। स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, वन, ग्रामीण विकास विभाग के प्रशिक्षक जनजातीय ग्रामों व समुदाय के विकास के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। रीवा एवं मऊगंज जिले के 424 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में कार्य की रणनीति बनाकर समग्र विकास का कार्य किया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश येंगल ने किया। भोपाल के जनजातीय कार्य विभाग के प्रशिक्षक विनोद शर्मा ने आभार ज्ञापित किया। इस दौरान प्रशिक्षक तथा प्रशिक्षणर्थी उपस्थित रहे।

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