
महाबोधि विहार बौद्ध समाज को सौंपने की मांग पर पुणे में भंते विनाचार्य की धम्म यात्रा – बोपोडी में हुआ भव्य स्वागत
डीएस तोमर पुणे
पुणे: महाबोधि महाविहार को बौद्ध समाज के हवाले करने की मांग को लेकर देशभर में धम्म यात्रा निकाल रहे आदरणीय भंते विनाचार्य बुधवार को पुणे पहुँचे। इस धम्म यात्रा का बोपोडी चौक, मुंबई-पुणे मार्ग पर आगमन हुआ, जहाँ माजी उपमहापौर सुनीता परशुराम वाडेकर, रिपब्लिकन पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव परशुराम वाडेकर और स्थानीय बौद्ध समाज ने उनका जंगी स्वागत किया।
इस अवसर पर भंते विनाचार्य ने कहा –“बौद्धगया का महाबोधि महाविहार बौद्धों की आस्था का केंद्र है। यहीं तथागत गौतम बुद्ध ने बुद्धत्व प्राप्त किया था। यह ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विहार बौद्धों के नियंत्रण में आना चाहिए। 1949 में बिहार सरकार द्वारा बनाया गया कानून रद्द कर विहार का ताबा बौद्ध समाज को दिया जाए।”
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों से इस मांग का समर्थन करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि “यदि शीघ्र ही विहार बौद्ध समाज को नहीं सौंपा गया, तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।”
इस मौके पर भंते नागघोष, भंते धम्मानंद तथा बौद्धगया से आए अन्य कई भंते मौजूद थे। कार्यक्रम में परशुराम वाडेकर ने भंते विनाचार्य का सत्कार किया और सम्मान व्यक्त किया।

परशुराम वाडेकर ने कहा –
“पुणे में इससे पहले हमने बालगंधर्व-डेक्कन चौक पर हजारों बौद्ध बंधुओं के साथ रैली निकालकर इस आंदोलन को समर्थन दिया था। यदि भंते विनाचार्य समय देंगे तो पुणे में एक विशाल सभा आयोजित करने के लिए हम सभी तैयार हैं।”
धम्म यात्रा के स्वागत के लिए बोपोडी क्षेत्र से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी उपस्थित हुए। कार्यक्रम पूरी शिस्त और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।



