पूणे

गांव की पहल से खुले पगडंडी मार्ग, राज्य सरकार ने किया विशेष सम्मान

गांव की पहल से खुले पगडंडी मार्ग, राज्य सरकार ने किया विशेष सम्मान

 

पुणे, प्रतिनिधि:जमीन को लेकर गांवों में अक्सर विवाद की खबरें आती रहती हैं, लेकिन पुणे जिले के आडाचीवाडी गांव ने एक अनोखा और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां ग्रामवासियों ने आपसी मतभेद भुलाकर स्वेच्छा से अपनी भूमि पगडंडी (पाणंद) रास्तों के लिए उपलब्ध कराई और श्रमदान कर रास्तों के निर्माण में भी सहयोग दिया।

आडाचीवाडी के पूर्व उपसरपंच सूर्यकांत अनंतराव पवार ने बताया कि ग्रामसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर 15 पगडंडी रास्तों को खुले करने का संकल्प लिया गया। इसके लिए गांव के सभी किसानों की राय ली गई, आपसी विवाद सुलझाए गए और तहसील कार्यालय को विधिवत प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। सभी रास्तों का रोवर द्वारा सर्वेक्षण कर नकाशे तैयार किए गए और 7/12 अभिलेखों में इन रास्तों का विधिवत उल्लेख भी दर्ज कराया गया।

इन सभी रास्तों को महापुरुषों के नाम समर्पित किया गया है तथा रास्तों के प्रारंभ बिंदु पर नाम व क्रमांक अंकित विशाल कमानें बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही, दोनों ओर 3 फुट दूरी से एक हजार नारियल और जामुन के पेड़ लगाए गए हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रास्तों की सुंदरता में भी वृद्धि होगी। इन पौधों की देखभाल के लिए ग्राम पंचायत ने मनरेगा योजना अंतर्गत पांच बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया है।

अब तक 1.5 किलोमीटर लंबे एक रास्ते का सीमेंट-कंक्रीटीकरण पूर्ण हो चुका है तथा 3.5 किलोमीटर लंबाई के तीन और रास्तों पर कार्य आरंभ हो गया है। शेष रास्तों का कार्य विभिन्न दानदाताओं, संस्थाओं और शासन के सहयोग से निकट भविष्य में पूरा करने का ग्रामवासियों ने संकल्प लिया है।

 

गांव की यह पहल पूरे महाराष्ट्र के लिए आदर्श मानी जा रही है। एक ही दिन में 15 पगडंडी रास्तों का सर्वेक्षण कर उन्हें अभिलेखों में दर्ज कराना, अतिक्रमण हटाना, पेड़ लगाना और उनकी निगरानी के लिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना – यह सब कार्य आडाचीवाडी ग्राम पंचायत को प्रदेश की अद्वितीय ग्राम पंचायत बनाता है।

ग्रामवासियों की इस अनूठी पहल और जनसहभागिता की सराहना करते हुए राज्य सरकार ने आडाचीवाडी गांव को विशेष सम्मान प्रदान किया है। सरकार का मानना है कि ग्राम पंचायत का यह कार्य अन्य गांवों को भी प्रेरित करेगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button