
धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा श्री महालक्ष्मी मंदिर का सार्वजनिक नवरात्रोत्सव
मंदिर ट्रस्ट की पहल – नारीशक्ति का होगा विशेष सम्मान
इटावा विशाल समाचार
पुणे : श्री महालक्ष्मी मंदिर, सारसबाग की ओर से आयोजित सार्वजनिक नवरात्रोत्सव इस वर्ष सोमवार, 22 सितम्बर 2025 (घटस्थापना) से गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 (दसरा) तक बड़े उत्साह और भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है।
पूरे उत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं के हस्ते आरती तथा उनके सम्मान समारोह विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम और छत्रपति शिवाजी महाराज के शिवराज्याभिषेक के 350 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य राज्याभिषेक शोभायात्रा का आयोजन होगा। यह जानकारी मंदिर ट्रस्ट की प्रमुख विश्वस्त अमिता अग्रवाल ने पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक-विश्वस्त राजकुमार अग्रवाल, विश्वस्त एड. प्रताप परदेशी, डॉ. तृप्ति अग्रवाल, प्रवीण चोरबेले तथा हेमंत अर्नाळकर उपस्थित थे।
प्रमुख कार्यक्रम:22 सितम्बर (घटस्थापना) : घटस्थापना गोपालराजे पटवर्धन व पद्माराजे गोपालराजे पटवर्धन के हस्ते।
शाम 4.30 बजे वंदे मातरम् विशेष कार्यक्रम
शाम 6 बजे मंदिर विद्युत सज्जा उद्घाटन (मुख्य अतिथि – पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार)
रात 8.30 बजे अभिनेत्री राधिका आपटे द्वारा दशावतार प्रस्तुति
23 सितम्बर : सामूहिक श्रीसूक्त पाठ (सुबह 5 बजे), महिला साहित्यकार सम्मान एवं डॉ. कल्याणी हर्डीकर की पुस्तक जागर विश्वजननीचा का विमोचन।
24 सितम्बर : महिला पुलिस व आरटीओ महिला अधिकारी सम्मान, शंकराचार्य जगद्गुरु विद्या नरसिंह स्वामी महाराज की आरती, और छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक का सजीव सांस्कृतिक देखावा।
25 सितम्बर : महिला वायुसेना अधिकारी सम्मान, ललिता पंचमी पर कन्यापूजन।
27 सितम्बर : चित्रकला प्रतियोगिता पुरस्कार वितरण और कथक प्रस्तुति।
29 सितम्बर : नए स्टार्टअप शुरू करने वाली महिला उद्यमियों का सम्मान।
30 सितम्बर : नारी तू नारायणी सम्मान समारोह (सम्मानित होंगी – पूजा मिसाळ, मीरा बडवे और सिस्टर ल्युसी कुरियन)।
1 अक्टूबर : महिला एचआर अधिकारी सम्मान और दांडिया नाइट।
2 अक्टूबर (दसरा) : श्री महालक्ष्मी देवी को सोन्य की साड़ी पहनाने की परंपरा, हळदीकुंकू व ओटी कार्यक्रम, और रात 9.30 बजे रावणदहन।
पूरे उत्सव में ढोल-ताशा सेवा, भजन, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक गरबा भी होंगे। सभी धार्मिक कार्यक्रम पंडित मिलिंद राहूरकर के मार्गदर्शन में संपन्न होंगे।
सुरक्षा और विशेष व्यवस्था:मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरे, 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी और भाविकों के लिए बीमा की व्यवस्था की गई है। दिव्यांगजन के लिए प्रतिदिन दोपहर 2.30 से 3.30 बजे व्हीलचेयर सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विश्वस्त मंडल ने पुणेकरों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस सार्वजनिक नवरात्रोत्सव को सफल बनाएं।


