स्वास्थ्यपूणे

भाई ने दिया 22 वर्षीय करण को जीवनदान, यकृत का हिस्सा दान कर हुई सफल प्रत्यारोपण सर्जरी

भाई ने दिया 22 वर्षीय करण को जीवनदान, यकृत का हिस्सा दान कर हुई सफल प्रत्यारोपण सर्जरी

 

यकृत प्रत्यारोपण सर्जरी में मुख्यमंत्री सहायता निधि बनी जीवनरेखा

 

पुणे, (मोहन सिंह तोमर): वर्धा जिले के हिंगणघाट निवासी करण गजानन ठाकरे (22) का लिवर मेडिकल कारणों से फेल हो गया था। पिछले दो साल से वह इस बीमारी से जूझ रहा था। डॉक्टरों ने लिवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प बताया, लेकिन इस ऑपरेशन पर 30 लाख रुपये का खर्च आना था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने इतना बड़ा खर्च जुटाना असंभव था। ऐसे में मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष ने आगे आकर मदद की। कुल 30 लाख रुपये में से परिवार ने 5 लाख रुपये की व्यवस्था की, मुख्यमंत्री सहायता निधि से 2 लाख रुपये और शेष 23 लाख रुपये धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष की ओर से उपलब्ध कराए गए।

 

पुणे के सह्याद्री अस्पताल में हुई यह शस्त्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और करण की हालत फिलहाल स्थिर है। पिता के निधन और माँ को पक्षाघात (पैरालिसिस) होने के कारण घर की पूरी जिम्मेदारी करण के कंधों पर थी। वह अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) की पढ़ाई के साथ-साथ घर का खर्च भी संभाल रहा था। ऐसे में यह बीमारी और सर्जरी का खर्च परिवार के लिए असहनीय था।

 

इसी कठिन परिस्थिति में करण के ममेरे भाई चैतन्य बगाडे (24, पुणे) ने अपना लिवर दान करने का निर्णय लिया। उनके इस कदम से प्रत्यारोपण का रास्ता साफ हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने तात्कालिक पहल कर यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचाया। मुख्यमंत्री के त्वरित निर्णय और समय पर मिली आर्थिक मदद से सर्जरी संभव हो पाई।

 

करण की बहन अश्विनी ने कहा— “मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता, कक्ष प्रमुख रामेश्वर नाईक की तत्परता और मेरे ममेरे भाई के त्याग— इन तीनों के कारण मेरे भाई की जान बच सकी।”

जिलास्तरीय समिति और धर्मादाय रुग्णालयों की भूमिका पुणे जिले में कुल 58 धर्मादाय अस्पताल हैं, जो गरीब और कमजोर वर्ग के मरीजों को मुफ्त या रियायती दर पर उपचार उपलब्ध कराते हैं। सरकार से कर व अनुदान में मिलने वाली रियायतों के बदले इन अस्पतालों पर गरीब मरीजों के लिए आरक्षित खाट (बेड) उपलब्ध कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

इन खाटों की उपलब्धता की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दी जाती है और राज्यस्तरीय सहायता कक्ष इसकी नियमित निगरानी करता है।

वैद्यकीय मदद के लिए आवेदन कैसे करें?

मरीज को मदद प्राप्त करने के लिए जिलास्तरीय मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष में निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होता है।

आवश्यक दस्तावेज़:

•मरीज का आधार कार्ड

•राशन कार्ड

•पैन कार्ड

•तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र

•अस्पताल से प्राप्त उपचार का अनुमानपत्र (एस्टिमेट)

कहाँ संपर्क करें?डॉ. मानसिंग साबळे

अध्यक्ष एवं वैद्यकीय अधिकारी, जिलास्तरीय मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मादाय रुग्णालय मदत कक्ष, जिल्हाधिकारी कार्यालय, पुणे।

पता: कक्ष क्रमांक 10, तळमजला, जुनी जिल्हा परिषद, पुणे हेल्पलाइन: 1800 123 2211 (टोल-फ्री) मोबाइल: 8087678977

वेबसाइट:charitymedicalhelpdesk.maharashtra.gov.in

ईमेल: cmrfpune@gmail.com

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