पूणे

देश की भक्ती परंपरा को एकत्र लाने के लिए कन्नड़ संघ का अनोखा उपक्रम – ‘भक्ति लहरी’ कार्यक्रम

देश की भक्ती परंपरा को एकत्र लाने के लिए कन्नड़ संघ का अनोखा उपक्रम – ‘भक्ति लहरी’ कार्यक्रम

 

पुणे:देश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा में भक्ती आंदोलन का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समय-समय पर संतों और भक्तों के प्रयासों ने देश के विभिन्न हिस्सों के समाज को एकजुट रहने की शक्ति दी है। इस भक्ती परंपरा, उसके काव्य, साहित्य और अभंगों को समाज के समक्ष पुनः प्रस्तुत करने के उद्देश्य से पुणे स्थित कन्नड़ संघ एवं कावेरी कलाक्षेत्र की ओर से ‘भक्ति लहरी’ नामक पहला सांगीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

 

यह कार्यक्रम 27 सितंबर 2025, शनिवार को एरंडवणे गणेश नगर स्थित डॉ. कलमाडी श्यामराव हाई स्कूल के शकुंतला जगन्नाथ शेट्टी सभागृह में शाम 5 बजे आयोजित होगा और सभी के लिए विनामूल्य रहेगा। प्रवेश ‘प्रथम आए-पहले पाए’ के आधार पर दिया जाएगा, जबकि कुछ स्थान आमंत्रित अतिथियों के लिए आरक्षित होंगे।

 

कन्नड़ संघ की सचिव मालती कलमाडी ने बताया, “देश पर हुए अनेक विदेशी आक्रमणों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उभरी भक्ती चळवळ समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण रही। इस परंपरा में विभिन्न धर्मों और पंथों के अनुयायियों के लिए भी मार्गदर्शन था। संतों का इस आंदोलन में योगदान समाज को हर समय दिशा देता रहा। इसे पुनः जीवंत करने के लिए हम यह उपक्रम आयोजित कर रहे हैं।”

 

‘भक्ति लहरी’ कार्यक्रम में दर्शकों को गायन, वादन और नृत्य का संगम देखने को मिलेगा। इसमें हिंदी, मराठी, कन्नड़, गुजराथी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, पंजाबी, संस्कृत और राजस्थानी भाषाओं में संत रचनाओं का प्रदर्शन होगा। 7वीं से 17वीं शताब्दी के संतों जैसे ज्ञानेश्वर, एकनाथ, पुरंदरदास, कनकदास, अंडाल, मीराबाई, नरसी मेहता, सूरदास, तुलसीदास, कबीरदास, महात्मा बसवेश्वर और अन्नमाचार्य की करीब 25 संत रचनाओं को पेश किया जाएगा। कार्यक्रम का लेखन प्रो. गुरुराज कुलकर्णी ने किया है।

 

संगीत में उस्ताद रईस बाले खान (सतार) और युवा गायिका विदुषी नंदिनी राव गुजर अपनी प्रस्तुति देंगे। भरतनाट्यम में अंजली रामास्वामी और स्फूर्ति राव प्रस्तुत होंगी। साथसंगत में हेमंत जोशी (तबला), यशवंत हम्पी होळी (मृदंगम), अजयचंद्र मौली (वायोलिन), अर्श शाह (गिटार) कलाकारों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गुरुराज कुलकर्णी करेंगे।

 

यह अनूठा सांगीतिक कार्यक्रम देश की समृद्ध भक्ती परंपरा को न केवल जीवंत करेगा, बल्कि दर्शकों को एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा।

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