
डॉ.मोहन भागवत ने किया ‘अर्थ सहित संघ प्रार्थना’ ध्वनि–चित्रफीति का लोकार्पण
नागपुर/पुणे: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज नागपुर के रेशीमबाग स्थित स्मृति भवन में ‘अर्थ सहित संघ प्रार्थना’ ध्वनि–चित्रफीति का लोकार्पण किया। इस अवसर पर संघ प्रार्थना के महत्व और उसके सामूहिक संकल्प के स्वरूप पर उन्होंने प्रकाश डाला।
डॉ. भागवत ने कहा कि संघ प्रार्थना केवल उच्चारण नहीं बल्कि स्वयंसेवकों का दैनिक सामूहिक संकल्प है। “प्रार्थना में भारत माता का प्रथम वंदन है, उसके पश्चात ईश्वर का। इससे स्वयंसेवक राष्ट्रभक्ति और संकल्प की भावना में परिपक्व होते हैं,” उन्होंने कहा।
यह विशेष परियोजना पुणे के विधायक सिद्धार्थ शिरोळे और इंद्रनील चितळे की पहल से तैयार की गई है। संगीत निर्देशक राहुल रानडे ने इसे दो वर्षों की मेहनत के बाद संगीतबद्ध किया, और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक शंकर महादेवन ने इसका गायन किया। हिंदी निवेदन हरीश भिमानी ने किया, मराठी अर्थ विवेक आपटे, और निवेदन सचिन खेडेकर द्वारा प्रस्तुत किया गया।
लोकार्पण समारोह में परियोजना के प्रमुख व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। डॉ. भागवत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे संघ प्रार्थना का अर्थ और भाव नागरिकों तक पहुंच सकेगा।
इस परियोजना के पहले चरण में संघ प्रार्थना के अर्थ हिंदी, मराठी, अंग्रेज़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में उपलब्ध होंगे। ध्वनि–मुद्रण लंदन के एबी रोड स्टूडियोज़ और मुंबई के यशराज फिल्म्स में किया गया।
सिद्धार्थ शिरोळे ने कहा कि संघ विचारों के कारण ही देश सुरक्षित और प्रगतिशील है, और इस परियोजना से नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना बढ़ेगी।


