तोशिबा भारत में 165 विद्युत् संयंत्रों में ईटाप्रो एआई-संचालित निगरानी प्रणाली स्थापित करेगी
Reported by Vishal Sharmachar Web Desk | Bureau
कावासाकी, जापान – तोशिबा एनर्जी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस (तोशिबा) ने आज घोषणा की कि इसकी भारतीय सहायक कंपनी तोशिबा जेएसडब्ल्यू पावर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड जो विद्युत संयंत्र उपकरण अभियांत्रिकी, विनिर्माण और सेवाएं प्रदान करती है, ने भारत की सरकारी स्वामित्व वाली विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत एनटीपीसी या इसके संयुक्त उद्यमों के स्वामित्व और संचालन वाले 165 तापीय और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के लिए एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली प्रदान की जाएगी, जिनमें वर्तमान में नियोजन चरण में मौजूद संयंत्र भी शामिल हैं.
इस समझौता के द्वारा एनटीपीसी का इस प्रकार के संयंत्र निगरानी समाधान हेतु पहली तैनाती की शुरुआत है. 2027 के वसंत ऋतू में चालू होने वाली इस प्रणाली को तोशिबा के अत्याधुनिक संयंत्र निगरानी सॉफ्टवेयर, ईटाप्रो के साथ भी एकीकृत किया जाएगा, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड प्रमाणित है और जो वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व के 60 से अधिक देशों में 763 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता में उपयोग किया जा रहा है.
वर्तमान में भारत तेज आर्थिक समृद्धि की दिशा में अग्रसर है, और भारत की राष्ट्रीय योजना 2022 में 399 गीगावाट से 2032 तक 900 गीगावाट तक बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की है*, लेकिन वर्तमान समय की बिजली मांग को पूरा करने और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने की चिंताओं के कारण वर्तमान में संचालित संयंत्रों में स्थिर संचालन और उच्च विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बढ़ रही है. तोशिबा की निगरानी प्रणाली की शुरूआत से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, साथ ही द्रुत और अधिक सटीक रखरखाव सेवाएं भी सुनिश्चित होंगी.
यह प्रणाली प्रत्येक विद्युत संयंत्र में स्थापित सेंसरों से एकत्रित वास्तविक समय परिचालन डेटा का विश्लेषण करने के लिए एआई का उपयोग करती है. यह संयंत्र उपकरणों में असामान्यताओं के संकेतों का शीघ्र पता लगाता है और अवांछित परिणामों को रोकने के लिए मूल कारणों का विश्लेषण करता है. यह प्रणाली रखरखाव प्रक्रियाओं को स्वचालित और प्रबंधित करने के लिए निगरानी से प्राप्त डेटा का उपयोग करती है, जिससे संयंत्र बंद होने की घटनाओं और अवधि में उल्लेखनीय रूप से कमी आती है. यह समय के साथ एकत्रित आंकड़ों का विश्लेषण करता है और परिणामों का उपयोग असामान्य घटनाओं के पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने और रखरखाव दक्षता में सुधार करने के लिए करता है.
तोशिबा जेएसडब्ल्यू के प्रबंध निदेशक, डाइसुके मुराता ने कहा, ” तोशिबा जेएसडब्ल्यू ईटाप्रो नामक एक आईओटी प्लेटफॉर्म के साथ विद्युत् उत्पादन में डिजिटल परिवर्तन को गति दे रही है जो संयंत्र की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाता है.” उन्होंने आगे कहा “हमारे सम्मानित ग्राहक, एनटीपीसी से प्राप्त इस नवीनतम ऑर्डर के साथ, कार्यक्षम समाधान प्रदान करके, डिजिटल इनोवेशन को अपनाकर और विनिर्माण उत्कृष्टता को मजबूती प्रदान करके भारत की ऊर्जा परिवर्तन की इस यात्रा में अपना योगदान देने पर हम गर्व का अनुभव कर रहे है. मेक इन इंडिया और तोशिबा समूह के बीच मजबूत सहयोग के माध्यम से, तोशिबा जेएसडब्ल्यू भारत में स्थायी और लचीले ऊर्जा बुनियादी ढाँचे का समर्थन करना जारी रखेगा.”
तोशिबा समूह अपनी स्थापित अभियांत्रिकी विशेषज्ञता और सर्विस पोर्टफोलियो के साथ उन्नत डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करके नए समाधान विकसित करना जारी रखता है, जिससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में मूल्यवर्धन होता है. इसका उद्देश्य विद्युत् उत्पादन कंपनियों को विशिष्ट चुनौतियों और समस्याओं का सामना करने में सहायता प्रदान करके उनसे अधिक ऑर्डर प्राप्त करना है, और ऐसा करके निरंतर ऊर्जा आपूर्ति में योगदान देना, कार्बन तटस्थता को प्रोत्साहित करना और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है.
स्रोत: राष्ट्रीय विद्युत योजना (भाग I: उत्पादन), मार्च 2023, भारत सरकार



