सीतामढ़ी

सीतामढ़ी में करंट से मौतों की बढ़ती घटनाएं — क्या जिम्मेदार है बिजली विभाग की लापरवाही?

सीतामढ़ी में करंट से मौतों की बढ़ती घटनाएं — क्या जिम्मेदार है बिजली विभाग की लापरवाही?

कुणाल किशोर सीतामढ़ी

सीतामढ़ी ज़िले में एक के बाद एक करंट से मौत की घटनाओं ने प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताज़ा मामला परिहार थाना क्षेत्र के सूतिहरा गांव वार्ड नंबर 10 का है, जहां वार्ड सदस्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में इसे करंट लगने का मामला बताया गया, लेकिन ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि मौत के पीछे कुछ और वजहें भी हो सकती हैं, क्योंकि शव केले के बागान से बरामद किया गया था।

पिछले कुछ हफ़्तों में ज़िले के कई इलाकों से करंट से मौत की घटनाएं सामने आई हैं —

मेजरगंज: 56 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत।

पाकुड़ (अमरपारा थाना क्षेत्र): सीतामढ़ी निवासी युवक मोहम्मद नेहाल की करंट से मौत।प्रतापनगर वार्ड 29: सड़क पर बह रहे पानी में करंट उतरने से युवक की मौत।

इन घटनाओं से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कब तक बिजली विभाग ढीली तारों, खुले ट्रांसफार्मरों और बारिश के मौसम में सुरक्षा इंतज़ामों की अनदेखी करता रहेगा? ज़िले में लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं।

 

अब ज़रूरत है जवाबदेही तय करने की —

बिजली विभाग को चाहिए कि वह हर घटना की तकनीकी जांच कराए, ढीले तारों और खुले जोड़ों की मरम्मत तत्काल करे, और बारिश के मौसम में सुरक्षा टीमों को फील्ड में सक्रिय रखे। नहीं तो सीतामढ़ी में “करंट मौतों” की यह श्रृंखला एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के रूप में दर्ज होगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button