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पुणे ग्रैंड टूर 2026’ के लोगो और जर्सी का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों अनावरण

पुणे ग्रैंड टूर 2026’ के लोगो और जर्सी का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों अनावरण

 

पुणे ग्रैंड टूर से पुणे का पर्यटन बढ़ेगा; साइकिलों का शहर कहलाने वाली पुरानी पहचान फिर से स्थापित होगी – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

पुणे, (मोहन तोमर):‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ नामक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता के माध्यम से पुणे के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों का महत्व उजागर होगा। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ पुणे की “साइकिलों का शहर” वाली पहचान पुनः स्थापित होगी। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही।

 

राज्य सरकार, पुणे जिला प्रशासन और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ के लोगो और जर्सी का अनावरण मुख्यमंत्री श्री फडणवीस के हाथों हुआ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री व पालकमंत्री अजित पवार, केंद्रीय युवा व खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे, राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, एशियाई साइक्लिंग महासंघ के अध्यक्ष दातो अमरजीत सिंह गिल, साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव दातो मनिंदर पाल सिंह, पूर्व महासचिव ओंकार सिंह तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि साइकिलों का गढ़ माने जाने वाले पुणे में यह पहली सच्ची अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता हो रही है। इस आयोजन से राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिकों में स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि “साइकिल चलाने वालों का सम्मान विश्वभर में होता है और ‘पुणे ग्रैंड टूर’ भारत में साइक्लिंग संस्कृति को नई ऊंचाई देगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रतियोगिता पुणे को वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित करेगी। भारत में साइकिल सबसे पहले 150 वर्ष पूर्व अमीरों का वाहन मानी जाती थी और उसे चलाने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था। पुणे में वर्ष 1947 में पहली बार साइकिल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिससे शहर की पहचान “साइकिलों का शहर” के रूप में हुई। आज भी यह परंपरा पुणे की शान है। अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में शामिल इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन से देश को गौरव मिलेगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने पुणे की 77 वर्षीय साइकिलिस्ट निरुपमा भावे, प्रीति म्हस्के, अहिल्यानगर की प्रणिती सोमण, छत्रपति संभाजीनगर के भारत सोनवणे, जळगांव के आकाश म्हेत्रे और सोलापुर की पूजा दानोळे की उपलब्धियों की सराहना की।

साइक्लिंग प्रतियोगिता स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और विकास का संगम बनेगी” – उपमुख्यमंत्री अजित पवार

 

उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि ऐतिहासिक पुणे से शुरू हो रहा यह ग्रैंड टूर शहर के लिए गर्व का विषय है। यह कठिन साइक्लिंग स्पर्धा सह्याद्री की पर्वतरांगों से गुजरते हुए 200 से अधिक गांवों में आयोजित होगी। ‘टूर द फ्रांस’ से प्रेरित यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और सतत जीवनशैली का प्रतीक है।

 

इस प्रतियोगिता का लोगो ‘भारतीय शेकरू’ (उड़ने वाली गिलहरी) पर आधारित है, जो भीमाशंकर, महाबळेश्वर और भंडारदरा के जंगलों में पाई जाती है। यह प्रतीक ग्रामीण पर्यटन और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और विकास का संयुक्त महोत्सव बनेगी। साथ ही, पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी की संकल्पना और अल्प समय में की गई तैयारियों के लिए उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और सभी विभागों की सराहना की। उन्होंने मार्ग पर सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के भी निर्देश दिए।

क्रीड़ा पर्यटन भारत की नई दिशा बनेगा” – केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे

केंद्रीय युवा व खेल राज्यमंत्री श्रीमती खडसे ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। “फिट इंडिया” के विजन के तहत देशभर में रविवार को आयोजित ‘साइकिल ऑन संडे’ अभियान में लगभग 5 लाख साइकिलिस्ट भाग लेते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का खेल नीति अब स्पोर्ट्स टूरिज्म पर केंद्रित है और महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक व पर्यटन विरासत इस दिशा में अग्रणी उदाहरण बनेगी।

कार्यक्रम की प्रस्तावना पुणे के विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने दी और ‘पुणे ग्रैंड टूर 2026’ की रूपरेखा प्रस्तुत की।

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री पवार, केंद्रीय मंत्री श्रीमती खडसे, राज्य मंत्री श्रीमती मिसाल व अन्य गणमान्य अतिथियों ने लोगो और जर्सी का अनावरण किया।

 

इस अवसर पर स्पर्धा का शुभंकर ‘इंदू’ भी प्रदर्शित किया गया, जो भिमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के प्रतीक ‘उड़ती गिलहरी’ (Shekru) पर आधारित है।

 

कार्यक्रम में विधायक अमित गोरखे, राहुल कुल, सिद्धार्थ शिरोळे, बाबाजी काळे, शंकर मांडेकर, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पुणे महापालिका आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, जिला परिषद सीईओ गजानन पाटिल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

इस आयोजन के मुख्य प्रायोजक ‘बजाज’ हैं, जबकि सिरम इंस्टीट्यूट, चितळे बंधु और पंचशील ग्रुप सह-प्रायोजक के रूप में जुड़े हैं।

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