
मतदेय स्थल प्रस्ताव को मिली अंतिम मंजूरी; राजनैतिक दलों के साथ जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
इटावा विशाल समाचार: कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में मतदेय स्थल (Polling Stations) एवं एसआईआर से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर प्राप्त सुझावों और अभिलेखों का अंतिम रूप दिया गया।
किसी भी राजनीतिक दल ने नहीं दी लिखित आपत्ति
मतदेय स्थलों के संशोधन प्रस्ताव का प्रकाशन 10 नवम्बर 2025 को किया गया था तथा सुझाव एवं आपत्तियाँ देने के लिए 15 नवम्बर तक का समय निर्धारित था। इस अवधि में किसी भी राजनीतिक दल, सांसद या विधायक द्वारा मतदेय स्थलों पर कोई लिखित आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसी आधार पर जिलाधिकारी ने प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी।
शिवपाल सिंह यादव की आपत्ति की जांच पूरी
बैठक के दौरान 199 जसवंतनगर के विधायक श्री शिवपाल सिंह यादव ने चार मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक होने की बात कही थी।
उप जिलाधिकारी/ईआरओ द्वारा की गई जांच में पाया गया कि इन सभी स्थलों पर मतदाता संख्या 1200 से कम है। इस आधार पर शिकायत का निस्तारण कर आख्या प्रस्तुत की गई।
डीएम ने निर्वाचन कार्य में सहयोग की अपील की
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने सभी दलों से निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया—बूथवार बीएलए की सूची तैयार की जाए।
नियुक्त किए गए बीएलए की सूचना निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाए।सभी सुझाव या आपत्तियाँ लिखित रूप में दी जाएँ ताकि समयबद्ध निस्तारण संभव हो सके।उन्होंने बताया कि 2003 की मतदाता सूची सभी बीएलओ को उपलब्ध है और उसी पर कार्य किया जा रहा है।
18 वर्ष पूर्ण करने वाले नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 06 बीएलओ द्वारा भरवाए जाएँ।एसएसपी ने भी दिए आवश्यक निर्देश,बैठक में पुलिस विभाग से जुड़े मुद्दों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी मार्गदर्शन दिया गया और शांतिपूर्ण, निष्पक्ष चुनाव कराने पर जोर दिया गया।
यह प्रतिनिधि रहे उपस्थित बैठक में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
उदयभान सिंह (समाजवादी पार्टी), प्रदीप शाक्य (अध्यक्ष सपा), आशुतोष दीक्षित (अध्यक्ष कांग्रेस), वाचस्पति द्विवेदी (प्रवक्ता कांग्रेस), अंकुर गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष आप), मोनू यादव (माकपा), अखिलेश वर्मा (प्रतिनिधि, सपा सांसद), सतेन्द्र राजपूत (भाजपा), तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।



