
बसपा महासचिव डॉ. हुलगेश चलवादी का सरकार पर तीखा प्रहार
पार्थ को क्लीन चीट; मगर महार वतन के मुद्दे पर सरकार अब भी मौन!
पुणे विशाल सिंह
महार वतन के मुद्दे पर राज्य सरकार ने अभी तक कोई भी ठोस व संतोषजनक समाधान प्रस्तुत किया नहीं है। प्रदेशभर में महार वतन सहित रामोशी, देवस्थान तथा पाटील वतन की जमीनें मूल वतनदारों को हस्तांतरित करने तथा इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए तत्काल उच्चस्तरीय अध्ययन समिति गठित की जाए—ऐसी ठाम व आग्रही मांग बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव व पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन के मुख्य प्रभारी डॉ. हुलगेश चलवादी ने गुरुवार (20 नवम्बर) को की।
डॉ. चलवादी ने कहा कि समय के साथ परिस्थितियाँ बहुत बदली हैं, लेकिन महार वतनदारों की फसवणूक कर उनकी जमीनें खरीदने वाले “अमेडिया एंटरप्रायज़ेस एलएलपी” प्रकरण में सरकार ने केवल दिखावटी कार्रवाई की है। मुंद्राक अधिकारी राजेंद्र मुठे की रिपोर्ट के आधार पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार को क्लीन चीट दे दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि—इस कार्रवाई के बाद वतन की जमीनों पर कब्ज़ा करने की घटनाएँ रुकेंगी, इसकी क्या गारंटी है?
सरकार ने भविष्य में ऐसे मामले न दोहराए जाएँ, इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह उन वतनदारों का अनादर है, जिन्होंने अपने शौर्य व पराक्रम से यह वतन प्राप्त किया था।
डॉ. चलवादी ने राज्य में कई दशकों से लंबित महार, रामोशी, देवस्थान व पाटील वतन से जुड़ी जमीनों के सवाल को तत्काल हल करने की माँग की। उन्होंने बताया कि पुणे जिले में ही 1,000 एकड़ से अधिक जमीन महार वतन की है, जिस पर पार्थ पवार की कंपनी की तरह अनेक डेवलपरों की नज़र है। इसलिए विशेष कानून बनाकर इन जमीनों को मूल मालिकों को हस्तांतरित किया जाए, तभी इनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय अध्ययन समिति की रिपोर्ट से सरकार को इस गंभीर स्थिति का सही आकलन होगा। अतः सरकार तुरंत कदम उठाए, अन्यथा बहुजन समाज पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी व कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।


