
स्कूली पाठ्यक्रम में कॉमर्स विषय को शामिल करने के प्रयास तेज
WIRC चेयरमैन सीए केतन सैय्या की जानकारी; ICAI की ओर से सीए छात्रों के लिए 500 करोड़ की छात्रवृत्ति
पुणे, विशाल सिंह: कॉमर्स शाखा में करियर की अपार संभावनाएं हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए कक्षा 5वीं से 10वीं तक के स्कूल पाठ्यक्रम में कॉमर्स विषय को शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे, शिक्षा सचिव और महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (MSCERT) के निदेशक राहुल रेखावार से मुलाकात की गई है। उन्होंने कॉमर्स विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रूख दिखाया है, यह जानकारी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल (WIRC) के अध्यक्ष सीए केतन सैय्या ने बुधवार को दी। उन्होंने यह भी बताया कि सीए कोर्स के विद्यार्थियों के लिए 500 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है।
बुधवार को ‘WIRC’ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पुणे स्थित विभिन्न संस्थानों का दौरा किया और अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद ICAI की बिबवेवाडी स्थित पुणे शाखा में संस्था की ओर से सीए सदस्यों और छात्रों के लिए चलाए जा रहे उपक्रमों को लेकर पत्रकारों से संवाद किया गया। इस दौरान काउंसिल के उपाध्यक्ष सीए पियूष चांडक, सचिव सीए जीनल सावला, कोषाध्यक्ष सीए फेनील शाह, पुणे शाखा अध्यक्ष सीए सचिन मिनियार, विभागीय समिति सदस्य सीए अभिषेक धामणे, सीए रेखा धामणकर, सीए राजेश अग्रवाल, साथ ही ICAI पुणे के उपाध्यक्ष सीए प्रणव आपटे, सीए निलेश येवलेकर, कोषाध्यक्ष सीए नेहा फडके, कार्यकारिणी सदस्य सीए सारिका दिंडोकर, सीए नंदकुमार कदम एवं सीए प्रितेश मुनोत उपस्थित थे।
सीए केतन सैय्या ने कहा, “ICAI की ओर से राज्य के शिक्षा विभाग को यह मांग भेजी गई है कि स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कॉमर्स विषय का एक समर्पित पाठ शामिल किया जाए। शिक्षा मंत्री सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञ सनदी लेखापालों की एक समिति बनाने के निर्देश मिले हैं। इससे नए पाठ्यक्रम में कॉमर्स विषय शामिल होने की दिशा में स्पष्टता बनी है।”
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए 500 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का प्रावधान किए जाने की जानकारी देते हुए सैय्या ने कहा, “जिन छात्रों के माता-पिता की वार्षिक आय 5 लाख रुपए से कम है, उन्हें बिना किसी शर्त यह छात्रवृत्ति दी जाती है। पाठ्यक्रम और वास्तविक व्यावसायिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के लिए विशेष ऑनलाइन कोर्स आयोजित किए जाते हैं। तेजी से बदलती तकनीक और बढ़ती प्रतिस्पर्धा सीए पेशे के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने के कारण अधिक से अधिक छात्रों को सीए कोर्स को उच्च शिक्षा के रूप में अपनाना चाहिए।”
सीए सचिन मिनियार ने कहा कि विद्यार्थियों को वास्तविक पेशेवर अनुभव दिलाने के लिए इंटर्नशिप उपलब्ध कराई जाती है और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से कैंपस सिलेक्शन भी किया जाता है। “सीए पाठ्यक्रम में समयानुसार आवश्यक बदलाव नियमित रूप से किए जाते हैं। पाठ्यक्रम चुनौतीपूर्ण अवश्य है, लेकिन छात्रों को वर्ष में तीन बार परीक्षा देने का अवसर मिलता है। पाठ्यक्रम में बदलाव करते समय यह ध्यान रखा जाता है कि वह व्यवसायोन्मुखी और छात्र-केंद्रित हो।”
इस अवसर पर ‘WIRC’ पदाधिकारियों का स्वागत पुणेरी पगड़ी और गणपति की प्रतिमा भेंट कर किया गया।


