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पुणे में 29 व 30 नवंबर को होगा ‘सूर महती महोत्सव’ का आयोजन

पुणे में 29 व 30 नवंबर को होगा ‘सूर महती महोत्सव’ का आयोजन

स्व. डॉ. वीणा सहस्त्रबुद्धे को संगीतांजली, ‘पारिजात फुलला’ लघुपट का लोकार्पण भी

पुणे| विशाल समाचार

 

पुणे,: प्रसिद्ध गायिका और संगीतकार स्व. डॉ. वीणा सहस्त्रबुद्धे की स्मृति में, उनके शिष्य व सुप्रसिद्ध गायक अतुल खांडेकर द्वारा स्थापित सूर महती फाउंडेशन की ओर से 29 व 30 नवंबर को ‘सूर महती महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी अतुल खांडेकर व भक्ती खांडेकर ने एक प्रेस वार्ता में दी।

महोत्सव का यह तीसरा वर्ष है और कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम के समीप स्थित गणेश कला क्रीड़ा मंच, स्वारगेट में आयोजित होगा। शनिवार को महोत्सव शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक, वहीं रविवार को 4:30 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। प्रवेश सभी के लिए नि:शुल्क है। प्रवेशिकाएं 22 नवंबर से कोथरूड स्थित यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह, टिळक स्मारक मंदिर, पुणे मराठी ग्रंथालय तथा ग्राहक पेठ में उपलब्ध होंगी।

डॉ. वीणा सहस्त्रबुद्धे को संगीतमय श्रद्धांजलि

अतुल खांडेकर ने बताया कि यह महोत्सव उनके गुरु डॉ. वीणा सहस्त्रबुद्धे के योगदान को याद करते हुए संगीत के प्रचार–प्रसार हेतु आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर से चली आ रही संगीत परंपरा अधिक से अधिक रसिकों व विद्यार्थियों तक पहुँचे, यही उद्देश्य है।

इस वर्ष उनके दूसरे गुरु पद्मश्री जयमाला शिलेदार के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, फाउंडेशन निर्मित लघुपट ‘पारिजात फुलला’ का विशेष प्रदर्शन व लोकार्पण भी महोत्सव में किया जाएगा।

 

पहले दिन (29 नवंबर) का कार्यक्रम यज्ञेश रायकर द्वारा व्हायोलिन वादन से महोत्सव का शुभारंभ

अमेरिका स्थित कलाकार रचना बोडस का शास्त्रीय गायन

किराणा व ग्वाल्हेर घराने के दिग्गज गायक पं. विनायक तोरवी के गायन से दिन का समापन

दूसरे दिन (30 नवंबर) का कार्यक्रम अतुल खांडेकर का शास्त्रीय गायन ,पं. बिरजू महाराज के शिष्य देवेश मिरचंदानी की कथक प्रस्तुति

‘पारिजात फुलला’ लघुपट का प्रदर्शन व लोकार्पण

प्रसिद्ध गायिका डॉ. अश्विनी भिडे-देशपांडे के गायन से महोत्सव का समारोप

 

विशेष सम्मान उपशास्त्रीय संगीत में योगदान हेतु डॉ. संजीव शेंडे तथा व्यापक गोसेवा कार्य के लिए सुरभी सेवा परिवार संस्था को महोत्सव में मानपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

 

साथसंगत व सूत्रसंचालन लीलाधर चक्रदेव, प्रणव गुरव, शुभम खंडाळकर, कौशिक केळकर, अनिरुद्ध जोशी, सुनील अवचट, श्रुती पत्की, सुयोग कुंडलकर और भरत कामत कलाकारों की साथसंगत करेंगे।

पूरे महोत्सव का सूत्रसंचालन स्वानंद पटवर्धन करेंगे

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