पूणे

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के ‘ट्रांसफॉर्मेशनल आर्किटेक्ट’

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के ‘ट्रांसफॉर्मेशनल आर्किटेक्ट’

ग्रुप टू प्रमोट इंडिया ऐज़ अकाउंटिंग GCCs’ और ICAI पुणे द्वारा आयोजित चौथे GCC समिट के उद्घाटन समारोह में निर्मल जैन ने कहा

 

पुणे : “भारत तेजी से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का वैश्विक केंद्र बन रहा है और इस परिवर्तन की प्रक्रिया में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) निर्णायक भूमिका निभाएंगे। ‘GCC’ के माध्यम से भारतीय सेवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अपार अवसर मिल रहे हैं,” ऐसा मत Accenture के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल जैन ने व्यक्त किया।

 

‘ग्रुप टू प्रमोट इंडिया ऐज़ अकाउंटिंग GCCs’ (DITS व World Trade Organization डायरेक्टरेट) तथा द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) पुणे शाखा द्वारा “लेजर से ग्लोबल लीडरशिप: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को आकार देने वाले CA” इस थीम पर आयोजित दो दिवसीय चौथे GCC समिट के उद्घाटन समारोह में वे बोल रहे थे।

 

पुणे स्टेशन स्थित होटल शेरेटॉन ग्रैंड में आयोजित कार्यक्रम में समूह के संयोजक CA संजीब संघी, सह–संयोजक CA अभय छाजेड़, ICAI के पूर्व अध्यक्ष CA अनिकेत तलाठी, समिट निदेशक एवं सेंट्रल काउंसिल सदस्य CA चंद्रशेखर चितळे, CA प्रमोद जैन, CA (डॉ.) एस. बी. झावरे, CA उमेश शर्मा, CA दुर्गेश काबरा, ICAI पुणे शाखा अध्यक्ष CA सचिन मिणियार, सचिव CA निलेश येवलेकर, उपाध्यक्ष CA प्रणव आपटे, कोषाध्यक्ष CA नेहा फडके, क्षेत्रीय समिति सदस्य CA रेखा धामणकर, CA अभिषेक धामणे, CA राजेश अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य CA सारिका दिंडोकर, CA प्रितेश मुनोत, CA नंदकुमार कदम आदि उपस्थित थे। मौके पर CA चंद्रशेखर चितळे की संकल्पना से तैयार ‘पुणे पंचायत’ इस उपक्रम तथा ICAI पुणे की अद्यतन वेबसाइट का लोकार्पण भी किया गया।

 

निर्मल जैन ने कहा, “GCC अब केवल बैक-ऑफिस का दायरा नहीं है। आज यह नवाचार, रणनीति, निर्णय-प्रक्रिया और वैल्यू क्रिएशन के वैश्विक केंद्रों में बदल चुके हैं। डेटा एनालिटिक्स, टेक्नोलॉजी, रिस्क मैनेजमेंट और वैश्विक वित्तीय प्रक्रियाएं बड़ी मात्रा में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के नेतृत्व में संचालित हो रही हैं। वर्तमान में भारत में 1,600 से अधिक GCC सक्रिय हैं। बेंगलुरु, अहमदाबाद, पुणे जैसे शहर तेजी से प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं।”

 

उन्होंने आगे कहा, “चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अब केवल लेजर-केंद्रित पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़ना होगा। डिजिटल टूल्स, ऑटोमेशन, AI, डेटा इंटेलिजेंस और वैश्विक व्यापार की समझ विकसित करना समय की जरूरत है। आने वाला समय उन CAs के लिए विशाल अवसर लेकर आएगा जो वित्तीय कौशल के साथ तकनीकी दक्षता और रणनीतिक दृष्टि भी विकसित करेंगे।”

 

CA चंद्रशेखर चितळे ने कहा, “GCC सेक्टर में उच्च-स्तरीय वित्तीय नेतृत्व के लिए वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद भारत बन गया है। व्यवहारिक कार्यों से लेकर रणनीतिक योजना निर्माण तक, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत व्यापक हो चुकी है। वे आज वैश्विक संगठनों के ‘सॉल्यूशन आर्किटेक्ट्स’ बन रहे हैं।”

उपक्रम की रूपरेखा बताते हुए CA संजीब संघी ने कहा, “अकाउंटिंग GCCs के लिए भारत को सबसे विश्वसनीय डेस्टिनेशन बनाना हमारा लक्ष्य है। कुशल मानव संसाधन, नीतिगत सहयोग और उद्योग सहभागिता पर आधारित मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने के प्रयास जारी हैं।”

CA अभय छाजेड़ ने कहा, “डिजिटल फाइनेंस, एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी–ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को मार्गदर्शन देना समय की मांग है। इन्हीं क्षमताओं के बल पर भारत विश्व का सबसे भरोसेमंद GCC टैलेंट-हब बनेगा।”

कार्यक्रम में CA सचिन मिणियार ने स्वागत-प्रास्ताविक किया। संचालन CA नेहा फडके ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन CA निलेश येवलेकर ने किया। दो दिवसीय इस समिट में GCC क्षेत्र के उभरते रुझान, डिजिटल फाइनेंस, टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन, ऑपरेशनल एक्सीलेंस, गवर्नेंस फ्रेमवर्क और भविष्य के नेतृत्व पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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