
‘विश्व डिजिटल डिटॉक्स दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया : पुणे में भव्य रैली के माध्यम से दिया गया डिजिटल मुक्ति का संदेश
पुणे : डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से कमजोर हो रहे मानवीय संबंधों को पुनर्जीवित करने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘झेप फाउंडेशन’ और ‘स्वान फाउंडेशन’ के संयुक्त उपक्रमानुसार आज विश्व डिजिटल डिटॉक्स दिवस (World Digital Detox Day – WDDD) पूरे विश्व में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष 80 देशों में विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से यह डिजिटल वेलनेस अभियान संचालित किया गया।
महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस मिशन को आधिकारिक समर्थन दिए जाने से इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी ताकत मिली है।
WDDD के अंतर्गत आज पुणे में शनिवार वाडा से शनिपार चौक तक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, सामाजिक संस्थांचे प्रतिनिधि और नागरिकों ने सहभागिता दर्शाई। प्रमुख उपस्थितियों में पुलिस उपायुक्त कृषीकेश रावळे, पुणे महानगरपालिका के उपायुक्त माधव जगताप, ‘झेप फाउंडेशन’ की अध्यक्ष डॉ. रेखा चौधरी, ‘स्वान फाउंडेशन’ के अध्यक्ष शशिकांत कांबळे, सचिव प्रसाद भोपळे, सिंहगड फाउंडेशन के आबा गोळे तथा अनुराग चैरिटेबल ट्रस्ट और हरीभाई देसाई कॉलेज के विद्यार्थी प्रमुख रूप से शामिल थे।
WDDD की संस्थापिका डॉ. रेखा चौधरी ने बताया, “WDDD सिर्फ जनजागरूकता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता को बचाने की वैश्विक जिम्मेदारी है। मोबाइल, सोशल मीडिया, कंप्यूटर आदि डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बढ़ते सामाजिक दूरी और मानसिक असंतुलन को दूर कर मानव संबंधों को फिर से जोड़ने का यह एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष 26 जनवरी 2026 से 80 देशों में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल WDDD दूतों के साथ जागरूकता अभियान चलाएगा। ‘WDDD का 1111 Digital Fasting Formula’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सराहना मिल रही है। भारत में जनजागरूकता के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक 10,500 किमी की विशाल रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें 20 राज्यों का समावेश होगा।
‘स्वान फाउंडेशन’ के अध्यक्ष शशिकांत कांबळे ने कहा, “डॉ. रेखा चौधरी का यह उपक्रम मानव जीवन को नई दिशा देने वाला है। 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि आज WDDD के दूत के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह आंदोलन वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि इस सफल आयोजन में जय गणेश व्यासपीठ, सिंहगड परिवार फाउंडेशन, अनुराग चैरिटेबल ट्रस्ट, हरीभाई देसाई कॉलेज, विश्रामबाग वाडा क्षेत्रीय कार्यालय के परिसर की शालाएँ और दगडूशेठ हलवाई गणपती ट्रस्ट का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने डिजिटल डिटॉक्स के महत्त्व को समझकर इस अभियान का उत्साहपूर्वक समर्थन किया।



