
उप कारा बाढ़ में मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर यौन शोषण विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन
पटना |विशाल समाचार संवाददाता
उप कारा बाढ़ में मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर यौन शोषण विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना की सचिव पल्लवी आनंद के निर्देश पर संस्था लॉ फाउंडेशन, पटना के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के पैनल अधिवक्ता संतोष कुमार ने कार्यस्थल पर यौन शोषण (POSH) कानून पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने बताया कि जेल के अंदर यदि किसी भी बंदी के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है तो इसकी जानकारी जेल विजिटिंग अधिवक्ता को अवश्य दी जाए, ताकि उनकी जमानत समय से दाखिल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल के अंदर कोई भी व्यक्ति बिना अधिवक्ता के नहीं रहेगा।
सत्र की शुरुआत लॉ फाउंडेशन के डायरेक्टर प्रवीण कुमार द्वारा की गई। इसके पश्चात गौरव राउत एवं दीक्षा सरकार (साइकेट्रिक सोशल वर्कर) ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, रोकथाम एवं देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। प्रशिक्षण के दौरान जोहरी विंडो, स्ट्रेस बकेट, इमोजी हेल्प तथा हार्म जैसी तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य को व्यवहारिक रूप से समझने में मदद मिली।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गौरव राणा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जिससे अधिकारियों को बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से समझने में सहायता प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के अंत में उपाधीक्षक ने जेल के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील रहने तथा प्राप्त प्रशिक्षण को अपने दैनिक व्यवहार में लागू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि तनाव की स्थिति में अपनी बातों को अपने चाहने वालों के साथ साझा करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मानसिक दबाव को समय रहते कम किया जा सके।
यह शिविर जेल प्रशासन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुरक्षित एवं संवेदनशील कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


