
वेदाचार्य श्री घैसास गुरुजी वेदपाठशाला के वार्षिकोत्सव के अवसर पर 4 से 12 जनवरी तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन
अनंतश्रीविभूषित पश्चिमाम्नाय द्वारकापीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य प.प. सदानंद सरस्वती स्वामी महाराज के भागवत कथा ज्ञानसत्र का विशेष आयोजन
पुणे : पुणे स्थित वेदाचार्य श्री घैसास गुरुजी वेदपाठशाला के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आगामी 4 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक पौड रोड, कोथरूड स्थित वेदभवन परिसर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत द्वारकाशारदापीठ के अनंतश्रीविभूषित पश्चिमाम्नाय द्वारकापीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य प.प. सदानंद सरस्वती स्वामी महाराज के भागवत कथा ज्ञानसत्र का विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। यह जानकारी श्रीमद् भागवत सेवा समिति के अध्यक्ष भागवताचार्य गोविंद देवगिरी स्वामी महाराज ने आज पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर कार्यक्रमों के संयोजक एवं वेदभवन के प्रधानाचार्य वेदमूर्ति मोरेश्वर घैसास गुरुजी, समिति के कार्यवाह एवं बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिवक्ता उदय प्रकाश वारुंजीकर तथा प्रसन्न पेडगांवकर आदि उपस्थित थे।
गोविंद देवगिरी स्वामी महाराज ने बताया कि वेदभवन के आग्रह को स्वीकार कर स्वामी महाराज ने भागवत कथा करने की सहमति दी है, जिससे लगभग 12 वर्षों बाद पुणे में उनकी कथा आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा, “इतने वर्षों बाद यह शुभ संयोग बना है। स्वामी महाराज की यह कथा सुनना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। पुणे के नागरिकों से आग्रह है कि वे इस संपूर्ण भागवत कथा ज्ञानसत्र में सहभागी बनें और सक्रिय सहयोग दें।”
उन्होंने आगे बताया कि वेदभवन के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत रविवार, 4 जनवरी 2026 को स्वामीजी की शोभायात्रा से होगी। दोपहर 4 बजे पौड रोड स्थित प्रसिद्ध श्रृंगेरी शारदापीठ मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ होगी। प्रारंभ में जगद्गुरु शंकराचार्य श्रृंगेरी मठ की देवताओं को पुष्पहार अर्पित कर पूजा करेंगे। इसके बाद भागवत ग्रंथ का पूजन कर ग्रंथ सहित स्वामीजी रथ में विराजमान होंगे। श्रीमद् भागवत सेवा समिति के मार्गदर्शक एवं महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील जगद्गुरु शंकराचार्य को पुष्पहार अर्पित कर शोभायात्रा का शुभारंभ करेंगे।
इस शोभायात्रा में पुणे के सनातन धर्मप्रेमी नागरिकों से पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में सहभागी होने का आवाहन किया गया है। वेदभवन में जहां भागवत कथा होगी, उस मंडप का नाम ‘श्रीकृष्ण नगरी’ रखा गया है। यहीं आगामी आठ दिनों तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 5 जनवरी से 9 जनवरी तक दोपहर 3:30 से सायं 5:15 बजे तक ह.भ.प. कैलासबुवा खरे द्वारा भागवत कथा पर कीर्तन होंगे।
10 और 11 जनवरी को दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरणाचार्य पंडित जयकान्त शर्मा के व्याख्यान होंगे। वहीं 5 जनवरी से 11 जनवरी तक प्रतिदिन सायं 5:30 से रात 8 बजे तक श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य की रसपूर्ण वाणी में हिंदी भाषा में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया जाएगा। 12 जनवरी को सुबह 8 बजे विष्णुयाग का आयोजन होगा। इसके बाद ह.भ.प. कैलासबुवा खरे के काल्याचे कीर्तन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
द्वारकाशारदापीठ के अनंतश्रीविभूषित पश्चिमाम्नाय द्वारकापीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य प.प. सदानंद सरस्वती स्वामी महाराज के विषय में—
भारत में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना करने वाले श्रीमद् जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने देश की चार दिशाओं में सनातन धर्म के प्रचार हेतु चार पीठों की स्थापना की। इनमें पश्चिमाम्नाय पीठ के रूप में गुजरात प्रांत में, श्रीकृष्ण की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध द्वारका स्थित द्वारकाशारदापीठ के अनंतश्रीविभूषित पश्चिमाम्नाय द्वारकापीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य प.प. सदानंद सरस्वती स्वामी महाराज प्रमुख हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य ने काशी में समस्त शास्त्रों का अध्ययन किया है। उनकी रसपूर्ण वाणी और शास्त्रीय शैली में वे श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन करेंगे। ‘श्रीकृष्ण नगरी’ में उनकी वाणी से भागवत कथा का श्रवण करना वास्तव में सौभाग्य का अनुभव है। वेदभवन परिसर में इस कथा का श्रवण करने से उपस्थित श्रद्धालुओं को त्रिवेणी में स्नान के समान पुण्य प्राप्त ।


