इटावाशिक्षा

**वन माफिया को सरकारी संरक्षण?

**वन माफिया को सरकारी संरक्षण?

कानपुर जोन DFO की मिलीभगत से इटावा में गोशाला के पास संरक्षित पेड़ों का सफाया | फोटो-वीडियो सबूत मौजूद**

इटावा: विशेष रिपोर्ट संवाददाता 

इटावा जिले की बसेर रेंज, जसवंत नगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नगला राम सुन्दर में जो हो रहा है, वह सिर्फ अवैध कटान नहीं बल्कि वन विभाग के संरक्षण में चल रहा संगठित अपराध प्रतीत होता है। गोशाला के ठीक पास नीम, पापड़ी और बबूल जैसे संरक्षित पेड़ों पर बेखौफ कुल्हाड़ी चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

सबसे गंभीर और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस पूरे अवैध लकड़ी कटान के फोटो और वीडियो सबूत मौजूद हैं, इसके बावजूद न तो कोई एफआईआर, न जब्ती, न निलंबन— आखिर क्यों?

स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि क्षेत्राधिकारी, वन दरोगा और वन रक्षक की खुली मिलीभगत से लकड़ी माफिया खुलेआम पेड़ काट रहे हैं। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि जब मामला कानपुर जोन तक पहुंच चुका है, तो जोनल DFO की भूमिका क्या है?

ग्रामीणों का कहना है कि कानपुर जोन DFO की कथित छत्रछाया में बसेर रेंज के अधिकारी नियमों को रौंद रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

क्या इटावा के DFO सिर्फ कुर्सी बचाने के लिए चुप हैं, या यह चुप्पी भी किसी सौदे का हिस्सा है?

वन निदेशक के स्पष्ट आदेश हैं कि बिना अनुमति नीम, पापड़ी जैसे पेड़ों की कटाई अपराध है, फिर भी गोशाला जैसी संवेदनशील जगह के पास यह सब कैसे हो रहा है?

 

 

क्या आदेश सिर्फ कागजों के लिए हैं?

अब सवाल सीधे प्रदेश के वन मंत्री से है—जब फोटो और वीडियो प्रमाण मौजूद हैं, तब भी दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

क्या कानपुर जोन के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा?

ग्रामीणों और पर्यावरण से जुड़े लोगों ने मांग की है कि तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो ,इटावा DFO और कानपुर जोन DFO की भूमिका की जांच हो

दोषी वन अधिकारियों और लकड़ी माफियाओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो

अवैध कटान में प्रयुक्त वाहन और लकड़ी जब्त की जाए

अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मानना गलत नहीं होगा कि उत्तर प्रदेश में वन माफिया नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे लोग जंगल काट रहे हैं।

स्पष्ट सवाल (जवाब जरूरी):फोटो-वीडियो सबूत होने के बावजूद कार्रवाई शून्य क्यों?

इटावा DFO की चुप्पी किसे बचा रही है?

कानपुर जोन DFO की भूमिका जांच से बाहर क्यों?

गोशाला जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कटान किसके आदेश पर?क्या वन मंत्री इस मामले में जवाब देंगे?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button