पूणे

बदलती अर्थव्यवस्था में ‘सीएफओ’ निभाए कुशल, रणनीतिक नेतृत्व की भूमिका

बदलती अर्थव्यवस्था में ‘सीएफओ’ निभाए कुशल, रणनीतिक नेतृत्व की भूमिका

सीए (डॉ.) अनुज गोयल का मत; आईसीएआई द्वारा एक दिवसीय ‘एलिवेट: आईसीएआई-सीएफओ फोरम’ का आयोजन

 

पुणे विशाल सिंह : वैश्विक अनिश्चितता, तेजी से बदलते नियामकीय ढांचे और आर्थिक संक्रमण के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था नई चुनौतियों और अवसरों से गुजर रही है। ऐसे समय में उद्योगों में कार्यरत मुख्य वित्त अधिकारियों (सीएफओ) को पारंपरिक वित्तीय जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर कुशल और रणनीतिक नेतृत्व निभाना होगा, यह प्रतिपादन द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की कमेटी फॉर मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिजनेस (सीएमआईबी) के अध्यक्ष सीए (डॉ.) अनुज गोयल ने किया।

 

वे आईसीएआई की सीएमआईबी और आईसीएआई पुणे शाखा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दिवसीय ‘एलिवेट: आईसीएआई-सीएफओ फोरम’ को संबोधित कर रहे थे। गोयल ने कहा कि सीएफओ को नीति निर्माण, जोखिम प्रबंधन और सतत मूल्य सृजन में निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने डायनैमिक फोरकास्टिंग, विभिन्न संभावनाओं की योजना और तकनीक-आधारित निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर भी जोर दिया।

 

डीपी रोड स्थित सिद्धी साज बैंक्वेट्स में आयोजित कार्यक्रम में आईसीएआई की केंद्रीय परिषद के सदस्य सीए चंद्रशेखर चितले, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. एस. बी. झावरे, क्षेत्रीय समिति सदस्य सीए रेखा धामणकर, आईसीएआई पुणे शाखा के अध्यक्ष सीए सचिन मिणियार, उपाध्यक्ष सीए प्रणव आपटे, सचिव सीए निलेश येवलेकर, कोषाध्यक्ष सीए नेहा फडके, प्रबंध समिति सदस्य सीए सारिका दिंडोकार, सीए हृषीकेश बडवे सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में 80 से अधिक सीएफओ ने भाग लिया।

 

सीए अनुज गोयल ने कहा कि डिजिटल टूल्स, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन के बढ़ते उपयोग से वित्त पेशेवरों को नियमित कार्यों से आगे बढ़कर सूचना-आधारित नेतृत्व करना होगा। पारदर्शिता और नैतिक निर्णय प्रक्रिया से ही हितधारकों का विश्वास कायम रह सकता है।

 

कार्यक्रम के दौरान ‘संक्रमण के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था: सीएफओ को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए’ और ‘सीएफओ के दृष्टिकोण से पूंजी बाजार की समझ’ विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें सीए चंद्रशेखर चितले, वेल्थ मैनेजर्स इंडिया के संस्थापक सीए भरत फाटक, प्रचाय ग्रुप के सीएफओ सीए आलोक कारकेरा और सीए नेहा फडके ने आर्थिक रुझानों, पूंजी आवंटन रणनीतियों और बदलते बाजार पर अपने विचार रखे।

 

सीए चंद्रशेखर चितले ने वित्तीय पूर्वानुमान, ऑटोमेशन और रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से संस्थागत विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान की अपेक्षा है।

 

ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आईसीएआई के अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि सीएफओ की नेतृत्व भूमिका लगातार व्यापक हो रही है और सुशासन तथा संस्थागत स्थिरता को मजबूत करने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

प्रस्तावना में आईसीएआई पुणे शाखा के अध्यक्ष सीए सचिन मिणियार ने नेतृत्व, सहयोग और पेशेवर उत्कृष्टता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच ज्ञानवर्धन, व्यावहारिक सीख और रणनीतिक सोच विकसित करने में सहायक होते हैं।

 

कार्यक्रम का संचालन दिव्या पाल और रोहित बनर्जी ने किया, जबकि सीए प्रणव आपटे ने आभार व्यक्त किया।

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