
मौसम-तकनीक आधारित स्मार्ट खेती के लिए ₹2,500 करोड़ की साझेदारी
मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में दावोस में महाराष्ट्र सरकार, रूरल एन्हांसर्स ग्रुप और न्यूट्रीफ्रेश के बीच पहली कृषि केंद्रित पहल
विशाल समाचार संवाददाता
दावोस/मुंबई/पुणे: दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने मौसम-संवेदनशील और अत्याधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में महाराष्ट्र सरकार, रूरल एन्हांसर्स ग्रुप और न्यूट्रीफ्रेश फार्म टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच करीब ₹2,500 करोड़ का सामंजस्य करार (एमओयू) किया गया। यह राज्य की पहली बड़ी कृषि-केंद्रित वैश्विक भागीदारी मानी जा रही है।
इस एमओयू पर रूरल एन्हांसर्स ग्रुप के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंबर आयदे और न्यूट्रीफ्रेश फार्म टेक इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संकेत मेहता ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उद्योग मंत्री उदय सामंत, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एन. बालागन, एमआईडीसी के प्रबंध निदेशक वेलारासू तथा रूरल एन्हांसर्स के प्रधान सलाहकार जयंत येरवडेकर भी उपस्थित थे।
समझौते के तहत महाराष्ट्र में मौसम आधारित स्मार्ट और तकनीक-प्रधान कृषि परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा। यह परियोजना अप्रैल 2026 से धरातल पर उतरने की उम्मीद है। इस पहल में देश की अग्रणी कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट एग्रीकल्चर (सीईए) कंपनी न्यूट्रीफ्रेश की उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित समाधानों के जरिए सुरक्षित, सतत और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा।
पुणे में वर्ष 2019 में गणेश निकम और संकेत मेहता द्वारा स्थापित न्यूट्रीफ्रेश फार्म टेक इंडिया ने वर्ष 2028 तक 2,000 एकड़ क्षेत्र में विस्तार का लक्ष्य रखा है। कंपनी का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 250 मिलियन डॉलर है। न्यूट्रीफ्रेश के पोर्टफोलियो में 50 से अधिक कृषि उत्पाद शामिल हैं और कंपनी भारत के 15 से अधिक राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सक्रिय है।
इस परियोजना में रूरल एन्हांसर्स ग्रुप फंडिंग एजेंसी और प्रोजेक्ट इंटीग्रेटर की भूमिका निभाएगा, जबकि महाराष्ट्र सरकार नीति समर्थन, संस्थागत सहयोग और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी। निवेश के लिए यूएई-आधारित वित्तीय संस्थानों, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, विकास वित्त संस्थाओं और विदेशी बैंकों के माध्यम से वित्तपोषण किया जाएगा।
रूरल एन्हांसर्स के एमडी एवं सीईओ अंबर आयदे ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी पहल से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होगा। साथ ही मौसम-संवेदनशील कृषि पद्धतियों का प्रसार, कृषि पर्यटन को बढ़ावा, महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी। उन्होंने कहा कि संरचित कार्यक्रमों और सुनिश्चित बाजार संपर्क के माध्यम से कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाया जाएगा। रूरल एन्हांसर्स समूह स्वास्थ्य, खाद्य एवं कृषि, बंदरगाह एवं समुद्री अवसंरचना, आईटी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।



