उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र शोकाकुल
“प्रशासन पर मजबूत पकड़ और समय की कठोर अनुशासन—यही अजित पवार की पहचान थी” – डॉ. नीलम गोऱ्हे
मुंबई, विशाल समाचार संवाददाता
उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ व लोकप्रिय नेता माननीय अजितदादा पवार के आज सुबह हुए आकस्मिक निधन से संपूर्ण महाराष्ट्र शोक में डूब गया है। यह विश्वास करना कठिन क्षण है और राज्य ने दूरदृष्टि रखने वाले, नेतृत्वगुणी नेता को खो दिया है, ऐसा विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे ने कहा।
डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि लगातार सात बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए अजित पवार प्रशासन पर मजबूत पकड़, समय के सख्त प्रबंधन और निर्णायक क्षमता के लिए जाने जाते थे। कोरोना काल में उन्होंने निरंतर समीक्षा बैठकों के माध्यम से जनता को राहत देने वाले निर्णय लिए। साथ ही, सतत विकास लक्ष्यों के लिए पूरे महाराष्ट्र हेतु निधि सुरक्षित रखने का दूरगामी निर्णय उनके नेतृत्व की दूरदृष्टि को दर्शाता है।
विधान परिषद के उपसभापति के रूप में विभिन्न समितियों और सदन की कार्यवाही में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनके निधन से सहकारिता, कृषि और विकास के क्षेत्र में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है—यह भावना व्यक्त करते हुए डॉ. गोऱ्हे ने शिवसेना की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
अजित पवार एक उत्कृष्ट संसदीय नेता थे और विधान परिषद में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर उनके परिवारजनों और सभी शोकाकुल लोगों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें—ऐसी प्रार्थना भी उन्होंने की।



