
उपमुख्यमंत्री के आकस्मिक निधन के बाद उभरे राजनीतिक घटनाक्रम से जनता भ्रमित
दादा के कार्यों के साथ अन्याय की भावना – डॉ. हुलगेश चलवादी
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
दिनांक: 4 फरवरी 2026
प्रगतिशील महाराष्ट्र की राजनीति में कर्मठ, कर्तव्यनिष्ठ, त्वरित निर्णय लेने वाले और आम जनता के प्रिय नेता के रूप में पहचाने जाने वाले ‘दादा’ के असामयिक निधन से राज्य की राजनीति में एक ऐसी रिक्तता उत्पन्न हो गई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। किंतु उपमुख्यमंत्री के विमान दुर्घटना में निधन के पश्चात जिस प्रकार की राजनीति सामने आ रही है, उससे आम जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यह स्थिति दादा के आजीवन कार्यों और योगदान के साथ अन्याय करने वाली है, ऐसा मत पूर्व नगरसेवक एवं बहुजन नेता डॉ. हुलगेश चलवादी ने व्यक्त किया है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि, “अजित दादा जैसा नेतृत्व दोबारा मिलना असंभव है। उनके निधन से पूरा राज्य शोक में डूबा हुआ है, लेकिन शोक की यह अवधि समाप्त होने से पहले ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, आंतरिक कलह तथा दुर्घटना को लेकर फैलाए जा रहे संदेह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं।” उन्होंने कहा कि इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना वक्तव्यों से न केवल आम नागरिक, बल्कि दादा के लाखों समर्थक भी मानसिक रूप से असमंजस में पड़ गए हैं।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच चल रहे आंतरिक मतभेद और सार्वजनिक मंचों से दिए जा रहे बयान दादा के जीवन भर के कार्यों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहे हैं। “दादा के कार्य, उनके निर्णय और जनता के लिए किए गए योगदान पर चर्चा होनी चाहिए। दुर्घटना को आधार बनाकर राजनीति करना और संदेह का वातावरण बनाना उचित नहीं है,” ऐसा उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा।
डॉ. हुलगेश चलवादी ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि अपप्रचार, निराधार संदेह और गैर-जिम्मेदार वक्तव्यों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे बयान देते समय जनभावनाओं का सम्मान करें और किसी भी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। साथ ही, अजित दादा के प्रति जनता की गहरी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही सार्वजनिक वक्तव्य किए जाएं, ऐसा भी उन्होंने आग्रह


