
पुणे की कंस्ट्रक्शन क्वालिटी रेटिंग एजेंसी को एनएबीसीबी की सेक्टर-35 मान्यता, ऐसा दर्जा पाने वाली देश की पहली निरीक्षण एवं प्रमाणन संस्था बनी
नई मान्यता से निर्माण परियोजनाओं में स्वतंत्र सत्यापन को मिलेगा बढ़ावा, लागत वृद्धि और अनावश्यक खर्च पर लगेगी रोक
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, (विशाल सिंह)पुणे स्थित कंस्ट्रक्शन क्वालिटी रेटिंग एजेंसी (सीक्यूआरए) निर्माण परियोजनाओं के लिए सेक्टर-35 (क्वांटिटी सर्वेइंग एवं बिलिंग ऑडिट) में नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर सर्टिफिकेशन बॉडीज (एनएबीसीबी) से मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की पहली निरीक्षण एवं प्रमाणन संस्था बन गई है। एनएबीसीबी, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की एक घटक संस्था है, जिसकी मान्यता एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भी स्वीकार्य है। इसके साथ ही एनएबीसीबी ने सीक्यूआरए की टाइप-ए इंस्पेक्शन बॉडी मान्यता का वर्ष 2030 तक नवीनीकरण करते हुए इसके दायरे का विस्तार सेक्टर-17, 18 और 19 तक कर दिया है। देशभर में 400 से अधिक योग्य मूल्यांकनकर्ताओं के साथ सीक्यूआरए अब निर्माण क्षेत्र की भारत की सबसे बड़ी टाइप-ए मान्यता प्राप्त निरीक्षण एवं प्रमाणन संस्था बन गई है।
वर्ष 2004 में स्थापित सीक्यूआरए पिछले दो दशकों में देशभर की 1,500 से अधिक आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक तथा आधारभूत संरचना परियोजनाओं का स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण एवं रेटिंग कर चुकी है। संस्था के प्रबंध निदेशक उज्ज्वल कुंटे ने कहा कि सेक्टर-35 की मान्यता केवल सीक्यूआरए ही नहीं, बल्कि पूरे निर्माण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कार्य की मात्रा, निर्माण सामग्री के उपयोग और बिलिंग की स्वतंत्र जांच से परियोजनाओं में लागत की अनावश्यक बढ़ोतरी को रोका जा सकता है, पारदर्शिता बढ़ती है और परियोजना मालिकों, डेवलपर्स तथा वित्तीय संस्थानों का विश्वास मजबूत होता है।
देश में निर्माण परियोजनाओं में औसतन 18 से 19 प्रतिशत लागत वृद्धि और 41.6 प्रतिशत परियोजनाओं के निर्धारित समय से विलंब से पूरे होने की चुनौती को देखते हुए सीक्यूआरए ने कंस्ट्रक्शन कॉस्ट लिकेज एश्योरेंस प्रणाली विकसित की है। इसके तहत बिल ऑफ क्वांटिटीज से लेकर अंतिम बिल तक पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र सत्यापन किया जाता है। इसमें कार्य की वास्तविक मात्रा, अतिरिक्त कार्यों की जांच, सामग्री उपयोग का मिलान, स्टॉक सत्यापन और स्टोर निरीक्षण शामिल है। इससे अतिरिक्त बिलिंग पर रोक लगाने, सामग्री की बर्बादी कम करने और परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। विस्तारित मान्यता के तहत अब संस्था भवन निर्माण के साथ-साथ धातु, मशीनरी, यांत्रिक, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों के निरीक्षण और प्रमाणन की सेवाएं भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदान करेगी।


