
सुदर्शन केमिकल्स और जेनपैक्ट के सहयोग से पुणे में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे,महाराष्ट्र
पुणे : वैश्विक स्तर पर पिगमेंट और रंगद्रव्य निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सुदर्शन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने उन्नत प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता जेनपैक्ट के सहयोग से पुणे में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना की है। यह केंद्र कंपनी की वैश्विक कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुणे के बानेर स्थित सुदर्शन केमिकल्स के वैश्विक मुख्यालय में स्थापित इस केंद्र का हाल ही में उद्घाटन किया गया। इस GCC में पहले विभिन्न देशों में बिखरी हुई प्रमुख एंटरप्राइज सेवाओं और प्रक्रियाओं को एकीकृत किया गया है। इससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच समन्वय बेहतर होगा, साथ ही प्रशासन, निर्णय प्रक्रिया और कार्यान्वयन में अधिक प्रभावशीलता आएगी।
इस अवसर पर सुदर्शन केमिकल्स के ग्लोबल चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश राठी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर विस्तार के दौरान परिचालन उत्कृष्टता एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बन जाती है। पुणे स्थित यह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाने, ग्राहकों को तेज और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने तथा संगठन में निरंतर सुधार और ग्राहक-केंद्रित संस्कृति को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।”
उन्होंने बताया कि यह केंद्र भारत के बाहर सुदर्शन केमिकल्स के वैश्विक संचालन को भी मजबूत समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही, भविष्य में ऑटोमेशन, मानकीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल क्षमताओं के विस्तार के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
जेनपैक्ट के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के ग्लोबल बिजनेस लीडर दिवाकर सिंघल ने कहा, “सुदर्शन केमिकल्स के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की शुरुआत हमारी दीर्घकालिक साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ती है। केमिकल मैन्युफैक्चरिंग में हमारे अनुभव, प्रोसेस इंटेलिजेंस और एआई आधारित क्षमताओं के माध्यम से हम सुदर्शन के वैश्विक गवर्नेंस और कार्यान्वयन को और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जर्मनी स्थित ह्यूबैक ग्रुप के अधिग्रहण के बाद सुदर्शन केमिकल्स की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। नया GCC कंपनी के ‘वास्तविक अर्थों में एक वैश्विक पिगमेंट लीडर’ बनने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


