पुणे में नॅशनल टी20 क्रिकेट फॉर द व्हिज्युअली इम्पेअर्ड प्रतियोगिता का आयोजन
रिपोर्ट : विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे,महाराष्ट्र
पुणे : पुणे में 15 से 19 फरवरी 2026 दौरान नॅशनल टी20 क्रिकेट फॉर द व्हिज्युअली इम्पेअर्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. इस प्रतियोगिता को एचसीएल फाऊंडेशन का सहकार्य मिला है. द पूना ब्लाइंड मेन्स असोसिएशन (पीबीएमए) और ब्लाईंड क्रिकेट असोसिएशन (बीसीए) के सहयोग से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है.
इस प्रतियोगिता के मॅचेस का आयोजन डेक्कन जिमखाना मैदान और पद्मावती का टेंबेकर मैदान यहां पर किया गया है.महाराष्ट्र,राजस्थान,मध्य प्रदेश,गुजरात,कर्नाटक,उत्तर प्रदेश,पश्चिम बंगाल और पंजाब इन आठ राज्यों की टीम्स प्रतियोगिता में सहभाग ले रही है. पांच दिन में कुल 13 मॅचेस होनेवाले है.
ब्लाईंड क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष रवी वाघ ने कहा की, इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 15 फरवरी को होनेवाला है. उसके बाद दृष्टिबाधित स्कूली छात्राओं का एक विशेष प्रदर्शनी मैच आयोजित किया जाएगा. लीग मॅचेस 16 से 18 फरवरी २०२६ दौरान होनेवाले है, अंतिम मुकाबला और पारितोषिक वितरण समारोह 19 फरवरी को डेक्कन जिमखाना मैदान पर सम्पन्न होनेवाला है.
पीबीएमए के अध्यक्ष राजेश शहा ने कहा की,पिछले कई वर्षों से पूना ब्लाईंड मेन्स असोसिएशन के सहयोग से ब्लाईंड क्रिकेट असोसिएशन सर्वसमावेशक खेल को निरंतर प्रोत्साहन दे रही है और इसके माध्यम से दृष्टिबाधित और नेत्रहीन खिलाड़ियों को पूरे भारत में स्पर्धात्मक सहभाग के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं.
एचसीएल फाऊंडेशन की संचालिका डॉ.निधी पुंधीर ने कहा की, पिछले 10 सालों से स्पोर्ट्स फॉर चेंज (एसएफसी) ने पूरे भारत में समावेशी खेल पहलों को सक्षम बनाया है, जिसमें जेंडर इन्क्लूजन,स्थानीय स्तर के विकास और उत्कृष्ट कोचिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है. अवसरों का विस्तार करना, कार्यक्षमता को उजागर करना तथा गरिमा और उत्कृष्टता को बनाए रखना इस खेल की ताकत में हमारा विश्वास यह टी20 प्रतियोगिता दोहराती है.
2011 में शुरू हुई टी-20 ब्लाइंड क्रिकेट प्रतियोगिता ने पुणे की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से विकसित होकर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त की है. प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को निवास व्यवस्था,भोजन,यात्रा सहायता,वैद्यकीय सुविधा,खेल सामग्री तथा स्थानीय परिवहन सुविधा कराई जाएगी.
खेल के नियम
ब्लाइंड क्रिकेट में धातु की छोटे बेअरींग वाला आवाज करने वाला प्लॅस्टिक का बॉल उपयोग में लाया जाता है. खिलाड़ियों को उनकी दृष्टि क्षमता के अनुसार बी1 (पूर्णतः नेत्रहीन),बी2 (आंशिक रूप से नेत्रहीन ) और बी3 (कम दृष्टि ) इन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है.टीम में इन तीनों श्रेणियों के खिलाड़ियों का होना अनिवार्य है. गेंद को जमीन पर अंडरआर्म शैली में फेंका जाता है.

