
सहकार क्षेत्र में सुधार के लिए ‘सीए’ की भागीदारी जरूरी
सहकार सुधारों को लेकर ICAI का पहल, WIRC प्रतिनिधिमंडल ने सहकार आयुक्त दीपक तावरे से की चर्चा
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल (WIRC) के प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के सहकार आयुक्त दीपक तावरे से मुलाकात कर सहकार क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधियों के अनुसार यह बैठक सकारात्मक और फलदायी रही।
WIRC के अध्यक्ष सीए सौरभ अजमेरा के नेतृत्व में तथा प्रभागीय सहकार समिति के अध्यक्ष सीए अभिषेक धामणे की पहल पर आयोजित इस प्रतिनिधिमंडल में ICAI पुणे शाखा के अध्यक्ष सीए प्रणव आपटे, समिति सदस्य सीए राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीए निलेश येवलेकर, कोषाध्यक्ष सीए नंदकुमार कदम, सहकार क्षेत्र के विशेषज्ञ सीए वसंत गुंड एवं सीए सतीश मुंदडा उपस्थित थे।
बैठक के दौरान वर्ष 2026 से 2028 के लिए ऑडिटर पैनल पंजीकरण की अवधि बढ़ाने की मांग की गई। साथ ही महाराष्ट्र के प्रस्तावित नए सहकार कानून के निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयकर और जीएसटी की तरह नीति निर्माण में ICAI का योगदान महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसके अलावा सहकारी संस्थाओं के लेखापरीक्षण के लिए दिए जाने वाले मानदेय में वृद्धि की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 से मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि कार्य का दायरा, नियमों का पालन और पेशेवर जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं।
इस संवाद के माध्यम से सहकार प्रशासन और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई गई।


