
पुणे में स्वच्छता व्यवस्था पर सख्त रुख: नहीं सुधरी हालत तो खुद शौचालय साफ करेंगे उपमहापौर परशुराम वाडेकर
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे प्रतिनिधि:शहर में घनकचरा विभाग की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने चेतावनी दी है कि यदि सार्वजनिक शौचालयों और कचरे की नियमित सफाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छता अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने घनकचरा विभाग के प्रमुख अविनाश सपकाळ को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं।
पदभार संभालने के चौथे ही दिन सुबह छह बजे वाडेकर ने विभाग प्रमुख सपकाळ, क्षेत्रीय आयुक्त नायकर, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक इनामदार, स्वास्थ्य निरीक्षक विनायक चोपड़े, प्रवीण दरेकर, मुकादम संतोष शेलार और सिद्धार्थ बागुल सहित दो से तीन स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति जांचने पर स्वयं स्वास्थ्य निरीक्षक के अनुपस्थित होने का मामला सामने आया। वहीं, 54 सफाई कर्मचारियों में से केवल 23 ही मौके पर उपस्थित मिले। पिछले उपस्थिति रजिस्टर की जांच में कागजों पर 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होने का भी खुलासा हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे की गलतियों पर पर्दा डाल रहे हैं। देर से आने वाले कर्मचारियों पर अधिकारियों द्वारा दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा अन्य जिम्मेदार कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा वाडेकर ने स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि शहर के स्वास्थ्य से जुड़ा यह अत्यंत गंभीर विषय है। विशेषकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को नारकीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है और कचरा पेटियों से नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इस पूरे मामले में विभाग प्रमुख सपकाळ स्वयं उपस्थित रहे, जिससे उन्हें वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। कामचोर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा घनकचरा विभाग की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं, ऐसी जानकारी उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने कहा.



