
महोबा में डंपर मालिक का ARTO कार्यालय में हंगामा, 22 हजार रुपये का चालान विवादित
सभी दस्तावेज़ पूर्ण होने के बावजूद गाड़ी पर मनमाना चालान, न्याय न मिलने पर मालिक ने आत्मदाह की चेतावनी दी, कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:महोबा उत्तर प्रदेश
महोबा (उत्तर प्रदेश): महोबा जिले के कबरई कस्बा में बुधवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। स्थानीय निवासी ब्रजेश विश्वकर्मा ने ARTO कार्यालय में जमकर हंगामा किया। ब्रजेश का आरोप है कि उनके डंपर वाहन के सभी दस्तावेज – बीमा, फिटनेस और रोड टैक्स – 28 फरवरी तक पूरी तरह वैध होने के बावजूद अधिकारी दयाशंकर ने उनकी खड़ी गाड़ी का 22,000 रुपये का चालान कर दिया।
ब्रजेश ने बताया कि उनका डंपर पांच पहाड़ी के पास खाली खड़ा था और चालक गाड़ी में ही बैठा था। जब अधिकारी ने चालक का ड्राइविंग लाइसेंस मांगा और दिखाया गया, तब भी उनका चालान कर दिया गया। हंगामा इतना बढ़ा कि ब्रजेश ने रोते हुए कर्मचारियों को अपनी तकलीफ सुनाई और न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। इस दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए और अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोग और अन्य वाहन मालिक इस घटना के बारे में बताते हैं कि यह सिस्टम की मनमानी और अधिकारियों की गैरजिम्मेदारी का परिणाम है। ब्रजेश विश्वकर्मा का कहना है कि उनके वाहन के सभी दस्तावेज़ पूर्ण और वैध हैं, और उनका चालान न केवल अन्यायपूर्ण था बल्कि मानसिक पीड़ा देने वाला भी था।
इस घटना के बाद ARTO कार्यालय में सख्त सुरक्षा बढ़ा दी गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की तत्काल जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और न्याय की मांग की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामले जहां वाहन मालिक सभी दस्तावेज़ सही होने के बावजूद गलत तरीके से चालान भुगतने को मजबूर होते हैं, यह नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही की गंभीर चुनौती है।
#MahobaNews #DumperChallan #ARTOControversy #VehicleRights #UPNews #JusticeForDrivers #RoadSafety #NavbharatTimes


