अभिलेखों से छेड़छाड़ कर राजस्व अभिलेख में संशोधन करने
पर संबंधितों के विरूद्ध पुलिस में एफआईआर
दर्ज करने के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . संयुक्त कलेक्टर ने एसडीएम मऊगंज को निर्देश दिये हैं कि तत्कालीन हल्का पटवारी ऊधौपुर्वा हीरालाल कोल एवं आवेदक मुद्रिका प्रसाद त्रिपाठी के विरूद्ध अभिलेखों से छेड़छाड़ कर फर्जी रूप से राजस्व अभिलेख संशोधन करने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
उल्लेखनीय है कि मीडिया खबरों को संज्ञान में लेकर तहसीलदार मऊगंज के प्रतिवेदन अनुसार वादित भूमियों के खसरा में दर्ज प्रविष्ठि अविधिक होने से प्रकरण में पुर्नअवलोकन की अनुमति चाही गई थी। जिसका परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही की गई। आवेदक मुन्द्रिका प्रसाद त्रिपाठी वगैरह निवासी ग्राम उधौपुर्वा द्वारा तहसीलदार, मऊगंज के न्यायालय में मौजा ग्राम उधौपुर्वा, पटवारी हल्का उधौपुर्वा की आराजी कुल 10 किता आराजियों का वारिसाना नामान्तरण हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें तहसीलदार, तहसील मऊगंज ने सरोज व सरोजनी में भिन्नता होने से वारिसाना नामान्तरण आवेदन पत्र खारिज कर दिया था। किन्तु मुन्द्रिका प्रसाद त्रिपाठी द्वारा तत्कालीन हल्का पटवारी, हीरालाल कोल से सांठगांठ / मिलीभगत कर उक्त प्रकरण क्रमांक का हवाला देकर खसरे में धनंजय त्रिपाठी व उनके भाई तथा उनके पिता मुन्द्रिका प्रसाद त्रिपाठी के नाम खसरे में अविधिक प्रविष्टि अंकित कर दी गई तथा मृतक सरोज की पुत्रियां हेमा, रेखा व विंध्या का नाम खसरे में दर्ज नहीं किया। साथ ही मृतक रामाधार पिता द्वारिका प्रसाद की पत्नी पार्वती वेवा रामाधार का नाम विलोपित कर दिया, जबकि पार्वती वर्तमान में जीवित है। वारिसान नामान्तरण का प्रकरण खारिज होने के बाद भी तत्कालीन हल्का पटवारी, हीरालाल कोल द्वारा उसी प्रकरण क्रमांक के आधार पर अभिलेख अद्यतन किये जाने से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभाग मऊगंज द्वारा निलंबित किया गया है।

