
एअर इंडिया ने महाराजा क्लब में बड़े सुधारों की घोषणा की
अवार्ड फ़्लाइट्स और केबिन अपग्रेड के लिए महाराजा पॉइंट्स की ज़रूरत में किए बदलाव
80 फीसदी अंतर्राज्यीय रूट्स और 75 फीसदी अंतर्राष्ट्रीय रूट्स पर इकोनॉमी क्लास में पॉइन्ट्स की ज़रूरत 30 फीसदी कम हुईकी
संख्या की सीमा कम होने से टियर में से आगे होगा आसान
टियर के आधार पर / की सुविधा
महाराष्ट्र, : एअर इंडिया ने आज अपने ’महाराजा क्लब’ लॉयल्टी प्रोग्राम में महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है, जिससे सदस्यों को बेहतर मूल्य, प्रत्यास्थता और फायदे मिलेंगे।
ये सुधार 1 अप्रैल 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। एक साल तक सदस्यों से मिले फीडबैक और जानकारियों के आधार पर ये सुधार किए गए हैं।
मुख्य सुधारों पर एक नज़रः
एअर इंडिया द्वारा कवर किए जाने वाले कम से कम 90 फीसदी रूट्स पर अवॉर्ड फ्लाइट्स और केबिन अपग्रेड्स के लिए महाराजा पॉइन्ट्स की ज़रूरत को कम किया गया है।
अवॉर्ड फ्लाइट्स को रीशेड्यूल और कैंसिल करने के लिए एक नया, आसान और टियर-बेस्ड स्ट्रक्चर बनाया गया है, ताकि सदस्यों के लिए बुकिंग ज़्यादा आसान हो जाए।
सदस्यों के टियर प्रोग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए फ़्लाइट काउंट की सीमा को कम किया गया है।
सदस्यों के साथ यात्रा करने वाले साथियों को भी यात्रा से जुड़े विशेष अधिकार दिए गए हैं।
इस अवसर पर एअर इंडिया के चीफ़ कमर्शियल ऑफिसर, निपुण अग्रवाल ने कहाः “हम महाराजा क्लब के सदस्यों को ध्यान में रखते हुए, एअर इंडिया में ज़रूरी बदलाव ला रहे हैं। ये सुधार सुनिश्चित करेंगे कि सदस्यों के द्वारा अर्न किए जाने वाले महाराजा पॉइन्ट्स से उन्हें अधिक से अधिक फायदे, प्रत्यास्थता और संभावनाएं मिलें। हमने कई महीनों तक अपने सबसे ज़्यादा यात्रा करने वाले मेहमानों से फीडबैक लेने के बाद ही ये बदलाव किए हैं; उनसे हमें यह जानने को मिला कि प्रोग्राम में कौनसी चीज़ें कारगर हैं और किन पहलुओं में बदलाव लाने की ज़रूरत है। इस फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए हमने ऐसे सुधार किए हैं जो उनके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं, ताकि महाराजा क्लब हमेशा प्रासंगिक, फ़ायदेमंद और भविष्य के लिए तैयार रहे।”
अवार्ड फ़्लाइट्स पर पहले से कहीं ज़्यादा फ़ायदा
महाराजा क्लब के सदस्यों को अब अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों रूट्स पर कम रिडिम्पशन लेवल का फ़ायदा मिलेगा, जिससे उनके लिए हर तरह की यात्रा ज़्यादा फायदेमंद हो जाएगी, फिर चाहे क्विक गेटवे हो या लॉन्ग-हॉल गेटवे। अब अंतर्राज्यीय रूट्स पर अवार्ड फ़्लाइट्स 1,500 महाराजा पॉइंट्स से शुरू होती हैं, जबकि केबिन अपग्रेड 4,000 महाराजा पॉइंट्स से शुरू होते हैं।
अंर्तराष्ट्रीय यात्रा के लिए रिडिम्पशन लेवल को सभी क्षेत्रों में एक समान कर दिया गया है, जिससे अवार्ड फ़्लाइट्स और अधिक सुलभ हो गई हैं। उदाहरण के लिए, यूरोप (यूके सहित) के किसी भी गंतव्य के लिए वन-वे अवार्ड फ़्लाइट्स 35,000 महाराजा पॉइंट्स से; यूएस और ऑस्ट्रेलिया के लिए 40,000 महाराजा पॉइंट्स से; और कनाडा के लिए 50,000 महाराजा पॉइंट्स से शुरू होती हैं।
इकोनॉमी क्लास के रिडिम्पशन फेयर में 80 फीसदी अंतर्राज्यीय रूट्स और 75फीसदी अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तकरीबन 30 फीसदी की कमी आई है।
बिज़नेस क्लास के रिडिम्पशन फेयर में 70 फीसदी अंतर्राज्यीयरूट्स पर तकरीबन 15 फीसदी की कमी आई है, और 35 फीसदी अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तकरीबन 25 फीसदी की कमी आई है।
प्रीमियम इकोनॉमी के रिडिम्पशन फेयर में 30 फीसदी अंतर्राज्यीय रूट्स पर तकरीबन 13 फीसदी की कमी आई है, और 17 फीसदी अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तकरीबन 12 फीसदी की कमी आई है।
“पूरे नेटवर्क में रिडिम्पशन लेवल को कम कर और एक समान बनाकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महाराजा पॉइंट्स पहले की तुलना में कहीं अधिक मूल्य प्रदान करें,“ अग्रवाल ने कहा।
हालांकि ज़्यादातर रूट्स पर ज़रूरी पॉइंट्स में काफ़ी कमी आई है, लेकिन कुछ रूट्स पर कोई बदलाव नहीं हुआ है या उनमें मामूली बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर, अब 90 फीसदी से ज़्यादा नेटवर्क पहले के मुकाबले ज़्यादा बेहतर वैल्यू देता है। इन कटौतियों के चलते सदस्य अवार्ड फ़्लाइट्स का अधिक लाभ उठा सकते हैं, ज़्यादा भरोसे के साथ अपने पॉइंट्स रिडीम कर सकते हैं, और अपनी हर यात्रा पर बेहतर फायदा उठा सकते हैं।
अवार्ड फ़्लाइट्स को प्रबंधित करने में ज़्यादा प्रत्यास्थता
अवार्ड फ़्लाइट्स (अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों) के कैंसीलेशन और रीशेड्यूलिंग के लिए अब एक आसान टियर-बेस्ड स्ट्रक्चर होगा, जिससे सदस्यों को ज़्यादा प्रत्यास्थता मिलेगी। यह नया स्ट्रक्चर अक्सर यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए डिज़ाइन किया गया ताकि यात्रा की योजना बदलने पर उन्हें कोई परेशानी न हो।
प्लेटिनम सदस्य फ़्लाइट के रवाना होने से 2 घंटे पहले तक बिना किसी शुल्क के अपनी फ़्लाइट कैंसिल या रीशेड्यूल कर सकते हैं।
गोल्ड सदस्य फ़्लाइट के रवाना होने से 7 दिन पहले तक ऐसा कर सकते हैं।
सिल्वर सदस्य फ़्लाइट के रवाना होने से 30 दिन पहले तक ऐसा कर सकते हैं।
इन तय समय-सीमाओं के भीतर कोई शुल्क नहीं देना होगा और महाराजा पॉइन्टस पूरी तरह से रीडिपोज़िट हो जाएंगे। हालांकि तय समय-सीमाओं के बाहर, 25 फीसदी का फ़्लैट शुल्क लगेगा (रीशेड्यूलिंग के लिए नकद या कैंसीलेशन के लिए महाराजा पॉइन्ट्स से)। ’नो-शो’ बुकिंग के लिए मौजूदा पॉलिसी ही लागू रहेगी, जिसमें कोई रिफ़ंड नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, महाराजा पॉइंट्स के ज़रिए किए गए अपग्रेड को कैंसिल करने पर, ये पॉइंट्स बिना कोई सवाल पूछे सदस्य को वापस मिल जाएँगे। इस बदलाव से सदस्यों बिना किसी परेशानी से आसानी से अपग्रेड कर सकते हैं। क्योंकि वे जानते हैं कि यात्रा की योजना बदलने पर भी उनके पॉइंट्स सुरक्षित रहेंगे।
मेंबरशिप टियर के ज़रिए तेज़ी से आगे बढ़ना
एअर इंडिया ने अब टियर क्वालिफ़िकेशन के लिए फ़्लाइट-काउंट थ्रेशहोल्ड को कम करके स्टेटस पाना और बनाए रखना और आसान। हालांकि टियर क्वालिफ़िकेशन के लिए खर्च-आधारित ज़रूरत में कोई बदलाव नहीं हुआ हैः
प्लैटिनम टियरः अब 60 फ़्लाइट (पहले 90) की ज़रूरत है, जिसमें कम से कम 12 एअर इंडिया फ़्लाइट शामिल हैं
गोल्ड टियरः अब 45 फ़्लाइट (पहले 60) की ज़रूरत है, जिसमें कम से कम 8 एअर इंडिया फ़्लाइट शामिल हैं
सिल्वर टियरः अब 20 फ़्लाइट (पहले 30) की ज़रूरत है, जिसमें कम से कम 4 एअर इंडिया फ़्लाइट शामिल हैं
टियर पॉइंट्स क्वालिफ़िकेशन के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए थ्रेशहोल्ड के तहत पिछले 365 दिनों में ली गई फ़्लाइट का मूल्यांकन किया जाएगा, और योग्य सदस्य खुद-बखुद अपने क्वालिफ़ाइंग टियर में अपग्रेड हो जाएंगे।
अग्रवाल ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहाः “हम मानते हैं कि हमारे कई लॉयल उपभोक्ताओं को टियर्स में आगे बढ़ना मुश्किल महसूस हुआ होगा। खासकर वे उपभोक्ता जो अंतर्राज्यीय या छोटी दूरी के अंतर्राष्ट्रीय रूट्स पर अक्सर फ़्लाइट लेते हैं। ऐसे में फ़्लाइट काउंट थ्रेशहोल्ड को आसान बनाकर, हमने सदस्यों को बेहतर मूल्य प्रदान किया है।’’सदस्यों के साथ

