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ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल-जल के सतत एवं सुचारू प्रदाय में नवीन नियम होंगे कारगर – उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के नए नियमों में ग्राम पंचायतों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, एसओआर दर भी ज़ारी

ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल-जल के सतत एवं सुचारू प्रदाय में नवीन नियम होंगे कारगर – उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के नए नियमों में ग्राम पंचायतों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, एसओआर दर भी ज़ारी

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान :रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन) नियम 2026 अंतर्गत ग्राम पंचायतों को आर्थिक एवं प्रक्रियात्मक दृष्टि से सशक्त करने के प्रावधानों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में इस अभियान के तहत हजारों ग्राम पंचायतों में एकल एवं समूह योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, जिनके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बड़ी वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। अब तक एकल योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में ग्राम पंचायतों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन नियमों और संबंधित एसओआर रेट ज़ारी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना का विधिवत संधारण संचालन किया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल का आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर जवाबदेही, पारदर्शिता और जनभागीदारी को भी बढ़ावा देगा। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाते हुए यह पहल आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल जीवन मिशन के तहत यह सुधार प्रदेश के हर घर तक सतत स्वच्छ जल पहुंचाने में कारगर होगा।

उल्लेखनीय है कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपलब्ध राशि का उपयोग स्पष्ट निर्देशों के अभाव में जल योजनाओं में प्रभावी रूप से नहीं हो पा रहा था। स्थानीय ग्राम पंचायतों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभागीय उच्च अधिकारियों से चर्चा की एवं प्राथमिकता से कार्यवाही के निर्देश दिए। चर्चा के अनुक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। 31 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इन निर्देशों के तहत ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए स्पष्ट अधिकार प्रदान किए गए हैं।नई व्यवस्था में एस.ओ.आर. लागू किए जाने से अब पंचायतें जल आपूर्ति प्रणाली के रखरखाव से जुड़े कार्य—जैसे टंकी की सफाई, पाइपलाइन मरम्मत, पम्प सुधार एवं पम्प ऑपरेटरों के मानदेय—पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत व्यय कर सकेंगी। इससे योजनाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित होगा और जल आपूर्ति व्यवस्था में स्थायित्व आएगा

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