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फायर सेफ्टी एवं सिक्योरिटी क्षेत्र से राष्ट्रनिर्माण को गति मिल रही है: दीपक वोहरा

फायर सेफ्टी एवं सिक्योरिटी क्षेत्र से राष्ट्रनिर्माण को गति मिल रही है: दीपक वोहरा

फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा चर्चासत्र आयोजित

रिपोर्ट:विशाल समाचार 

स्थान पुणे | महाराष्ट्र 

“भारत तकनीक, उद्योग, सुरक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र पहचान बना रहा है तथा एक सशक्त अर्थव्यवस्था के रूप में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। फायर सेफ्टी और सिक्योरिटी क्षेत्र की उपलब्धियाँ भी इस प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और इससे राष्ट्रनिर्माण को गति मिल रही है,” ऐसा प्रतिपादन भारत के पूर्व राजदूत एवं विदेश सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी दीपक वोहरा ने किया।

वे वाकड स्थित होटल टिपटॉप इंटरनेशनल में फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FSAI) पुणे चैप्टर द्वारा आयोजित ‘सुरक्षित भारत’ विषयक चर्चासत्र में बोल रहे थे।

इस अवसर पर सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए तकनीक के जिम्मेदार उपयोग, नियमों के सख्त पालन और सभी स्तरों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही FSAI की डायरी का विमोचन भी किया गया तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए 12 मान्यवरों का सम्मान दीपक वोहरा और देवेंद्र पोटफोडे के हस्ते किया गया।

कार्यक्रम में पीएमआरडीए के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र पोटफोडे, एक्स बझ फायर एंड सिक्योरिटी के संचालक चिंटू आशेर, FSAI पुणे चैप्टर अध्यक्ष सुजल शहा, सचिव सागर मुनीश्वर सहित उद्योग, निर्माण एवं सुरक्षा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

दीपक वोहरा ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सुरक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी एवं सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियाँ आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रही हैं।

 

देवेंद्र पोटफोडे ने कहा कि आधुनिक निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए तथा सेफ्टी सर्टिफिकेशन को केवल औपचारिकता न मानकर प्रभावी रूप से लागू किया जाना आवश्यक है।

चिंटू आशेर ने बदलते व्यावसायिक वातावरण की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्यमियों को ‘प्रॉब्लम सॉल्वर’ बनकर नवाचार को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम में गणेश जाधव, शैलेश धनाने, सुभाष खानडे, नरेंद्र दिवेदी सहित कई विशेषज्ञों ने भी विचार व्यक्त किए। सुजल शहा ने स्वागत भाषण दिया जबकि सागर मुनीश्वर ने आभार प्रदर्शन किया।

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