
हिंदू संस्कृति के प्रचार-प्रसार का दायित्व सभी का है : चारुदत्त आफले
नागरिक सोशल फाउंडेशन की ओर से “प्रियकर हिंदुस्तान” विषय पर व्याख्यान आयोजित
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। वरिष्ठ राष्ट्रीय कीर्तनकार Charudatta Afale ने कहा कि हिंदू संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी प्रत्येक हिंदू की है। वर्तमान समय में हिंदू संस्कृति और उसकी पहचान को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर हिंदू संस्कृति के प्रसार के लिए आगे आना चाहिए।
वे नागरिक सोशल फाउंडेशन द्वारा आयोजित “प्रियकर हिंदुस्तान” विषयक व्याख्यानमाला में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वक्ता विभाग प्रमुख दीपक मेहंदळे, संचालक अमेय सप्रे, प्रीतम थोरवे, शेखर यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
चारुदत्त आफले ने कहा कि आज ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं कि लोग “हिंदू” या “हिंदुस्तान” शब्दों का उच्चारण करते समय संकोच महसूस करें। जबकि अन्य देश और संस्कृतियों के लोग अपनी पहचान पर गर्व करते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद शिक्षा व्यवस्था पर कुछ विचारधाराओं का प्रभाव बढ़ने के कारण अंग्रेजी और पाश्चात्य संस्कृति को अधिक महत्व दिया गया, जबकि भारतीय एवं हिंदू सांस्कृतिक मूल्यों को अपेक्षित स्थान नहीं मिल सका। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार के लिए संगठित होकर कार्य करना चाहिए।
चारुदत्त आफले ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों के प्रति सजग रहेगा तो देश को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक अमेय सप्रे ने किया। संचालन मिलिंद कुलकर्णी ने किया, जबकि प्रीतम थोरवे ने आभार व्यक्त किया।



