स्लीपवेल और कंफर्ट अगरबत्तियों के खिलाफ कार्यवाही की चेतावनी।
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि मच्छरों से बचाव के लिए उपयोग में लाई जाने वाली स्लीपवेल और कंफर्ट ब्राण्ड की अगरबत्तियों को लेकर कृषि रक्षा विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है। विभाग ने आम नागरिकों, कीटनाशक विक्रेताओं, पेस्ट कण्ट्रोल ऑपरेटरों तथा किराना व्यापारियों से इन उत्पादों के उपयोग, बिक्री और भण्डारण से बचने की अपील की है। इन ब्राण्डों की अगरबत्तियों का प्रचार हर्बल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पाद के रूप में किया जाता है, लेकिन विभिन्न राज्यों की राजकीय प्रयोगशालाओं में कराई गई। जांच में इनमें डाईमेफ्लूथीरिन और मेपरफ्लूथीरिन जैसे अपंजीकृत कीटनाशकों के उपयोग की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया, कि अपंजीकृत कीटनाशकों का उपयोग कीटनाशी अधिनियम-1968 तथा कीटनाशी नियमावली-1971 के प्राविधानों का उल्लंघन है। विभाग के अनुसार इन रसायनों का लगातार संपर्क मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे फेफड़ों, मस्तिष्क, किडनी, पेट और हृदय से संबंधित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ सकती है। आमजन से अपील है, कि वे मच्छरों से बचाव हेतु इन ब्राण्डों की अगरबत्तियों का उपयोग न करें और केवल मानक एवं अधिकृत उत्पादों का ही प्रयोग करें। साथ ही सभी दुकानदारों, पेस्ट कण्ट्रोल एजेन्सियों और कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है, कि वे इन उत्पादों का कय-विक्रय और भण्डारण तत्काल प्रभाव से बंद कर दें। चेतावनी जाती है कि विभागीय निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान पर स्लीपवेल और कंफर्ट ब्राण्ड की उक्त अगरबत्तियां पाई जाती हैं, तो संबंधित के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम-11968 एवं नियमावली-1971 के तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी। ये जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जनपद के नागरिकों से सर्तकता बरतने और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जाती है। सभी जनमानस से अपील है, कि उक्त उत्पादों की बिकी या भण्डारण की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचित किया जाए, ताकि आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।


