
पेन मेडिसिन भविष्य की सुपर स्पेशालिटी : विशेषज्ञ
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, : भारत में पेन मेडिसिन के बारे में पर्याप्त जागरूकता नहीं है. लेकिन वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती आबादी, खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या और कभी-कभी होने वाली चोटें तथा दीर्घकालीन बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, पेन मेडिसिन भविष्य में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुपर स्पेशालिटी क्षेत्र के रूप में तेजी से उभर रही है,ऐसी राय विशेषज्ञों ने व्यक्त की. यह जानकारी इंडियन सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (आयएसएसपी) की शाखा रहे सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन,पुणे (एसएसपीपी) के वार्षिक सर्वसाधारण सभा के अवसर पर आयोजित वार्तालाप में सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन,पुणे (एसएसपीपी) की अध्यक्ष डॉ.प्रज्ञा भालेराव और सचिव डॉ.संजोग मेकेवार इन्होंने दी.
इस अवसर पर बात करते हुए एसएसपीपी की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा भालेराव ने कहा कि, कमर दर्द और रीढ़ की समस्याएं, नसों से संबंधित दर्द, कैंसर, संधिवात जैसी बीमारियों के कारण दीर्घकालीन दर्द हो सकता है. ऐसी कई स्थितियों में पेन मेडिसिन में प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार की आवश्यकता होती है. उन्नत निदान तकनीकों, मिनिमली इनवेसिव प्रोसीजर्स, रीजेनरेटिव थेरेपी और बहु-विषयक उपचार पद्धतियों को शामिल करने वाला पेन मेडिसिन यह वैद्यकीय क्षेत्र का तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है.
एसएसपीपी के सचिव डॉ.संजोग मेकेवार ने कहा कि, उपचार न हुए या किंवा अपर्याप्त रूप से उपचार के दीर्घकालीन दर्द व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है. इसलिए शीघ्र निदान और समय पर उपचार बेहतर परिणाम दे सकते हैं. इसके लिए लोगों में इस चिकित्सा शाखा के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है.
नया राष्ट्रीय अभियान : फाइंड अ पेन फिजिशियन
पेन मेडिसिन के क्षेत्र में मौजूद जानकारी और पहुंच की कमी को दूर करने के लिए इंडियन सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (आयएसएसपी) ने हाल ही में “फाइंड अ पेन फिजिशियन” नामक राष्ट्रीय जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य पेन मैनेजमेंट के विशेषज्ञ चिकित्सकों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना तथा देशभर में पेन फिजिशियनों के नेटवर्क को और मजबूत बनाना है, ताकि मरीज जल्द से जल्द विशेषज्ञों तक पहुंच सकें।
इस उपक्रम के अंतर्गत देशभर के प्रशिक्षित पेन फिजिशियन्स की एक ऑनलाइन डिरेक्टरी तैयार की जा रही है, जिसमें अब तक देशभर के लगभग 1,000 पेन फिजिशियन्स और पुणे के 30 पेन फिजिशियन्स शामिल है.
डॉ. संजोग मेकेवार ने कहा कि,यह डिरेक्टरी मरीजों और चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच की दूरी को कम करेगी और यह इस बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी कि दीर्घकालीन दर्द का प्रभावी उपचार संभव है.
इंडियन सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (आयएसएसपी) यह संस्था इंटरनॅशनल असोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ पेन (आयएएसपी) की भारतीय शाखा है, और देश में पेन मेडिसिन के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं संशोधन को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध पेन फिजिशियन्सचे का प्रतिनिधित्व करती है.
अपने निरंतर प्रयासों के तहत सोसायटी फॉर स्टडी ऑफ पेन,पुणे (एसएसपीपी) ने हाल ही में पुणे में अपनी पहली वार्षिक परिषद “पेनस्कोप पुणे 2026” का आयोजन किया. अनरेव्हलिंग फॅशिया : द हिडन की इन क्रॉनिक पेन विषय पर आधारित इस परिषद में दीर्घकालीन दर्द में फेशिया की भूमिका और दर्द व्यवस्थापन में नई उपचार पद्धतियों पर चर्चा की गई.परिषद में भारत भर से 150 से अधिक पेन फिजिशियन्स ने भाग लिया.
मरीज और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता आयएसएसपी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने आस-पास के पेन फिजिशियन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.


