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किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों के लिए प्रेरित करें – कृषि उत्पादन आयुक्त 

किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों के लिए प्रेरित करें – कृषि उत्पादन आयुक्त 

कलेक्टर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों की नियमित समीक्षा करें – कृषि उत्पादन आयुक्त

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा:. वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री केसी गुप्ता ने रीवा एवं शहडोल संभाग में कृषि तथा उससे जुड़े विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसान समृद्ध होगा तभी प्रदेश समृद्ध होगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 46 प्रतिशत योगदान कृषि और उससे जुड़े विभागों का है। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए लगातार प्रयास की आवश्यकता है। किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ अधिक लाभ देने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित करें। किसान को जिस दिन फसल से अधिक लाभ मिलेगा तो वह स्वयं नई फसल को अपना लेगा। गेंहू और धान की फसल की तुलना में दलहन और तिलहन में लाभ अधिक है। दोनों संभागों में अरहर के क्षेत्र विस्तार के लिए विशेष प्रयास करें। इसमें लागत कम और लाभ अधिक है। किसानों को तकनीकी ज्ञान के साथ अरहर की पूसा-16 किस्म की खेती के लिए प्रेरित करें। इसकी फसल 4 महीने में प्राप्त हो जाती है। किसान इसके बाद गेंहू की फसल ले सकता है।

श्री गुप्ता ने कहा कि हर जिले में कृषि और उद्यानिकी की विशिष्ट फसलों के लिए सेक्टर बनाएं। किसी फसल का जब बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा तो उसे खरीदने और प्रोसेस करने वाले आसानी से मिल जाएंगे। फल, सब्जी, मसाला तथा फूल की खेती को इसमें प्राथमिकता दें। कई शिक्षित युवा आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। इन्हें रोल माडल बनाकर प्रमोट करें। प्रत्येक उद्यानिकी क्षेत्र विस्तार अधिकारी को सौ हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल विस्तार का लक्ष्य दें। खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन जैसे व्यवसाय अपनाकर ही खेती को लाभदायक बनाया जा सकता है। किसानों को केवल ई विकास सिस्टम से ही खाद का वितरण कराएं। संभाग में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। कलेक्टर्स खाद वितरण की समुचित व्यवस्था कराएं। सहकारी बैंक वर्तमान ऋणों की शत-प्रतिशत तथा कालातीत ऋणों की 25 प्रतिशत वसूली करके वित्तीय स्थिति सुधारें। कलेक्टर्स सहकारी बैंक के कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराएं। इसमें किसान सम्मान निधि के साथ-साथ एग्रीस्टेक में भी ई केवाईसी कराएं, जिससे किसान के साथ-साथ उसकी जमीन और फसल का डाटा अपडेट हो जाए। गिरदावरी में उद्यानिकी फसलों का भी क्षेत्र अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने नरवाई जलाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संभाग के सभी जिलों में बायो एनर्जी प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें चलाने के लिए फसल अवशेषों की आवश्यकता होगी। कंपनियां किसानों से निर्धारित राशि देकर पराली तथा अन्य फसल अवशेष खरीदेंगी। बेलर मशीन, सुपर सीडर और हैप्पी सीडर के उपयोग से भी नरवाई प्रबंधन करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फल, सब्जी और मसालों की खेती हो रही है वहाँ खाद्य प्रसंस्करण इकाईयाँ स्थापित कराएं। मछली पालन बहुत अधिक लाभकारी है। अगले दो सालों में मछली का उत्पादन दुगना करने के लिए केज कल्चर, बायोफ्लाक जैसी व्यावसायिक मछली पालन तकनीकों का उपयोग बढ़ाएं। बाणसागर बांध में मछली पालन के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर और और शहडोल में बंद खदानों में जमा पानी में केजकल्चर से मछलीपालन कराएं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि गुजरात में पशुपालन और डेयरी का प्रदेश की जीडीपी में योगदान 90 हजार करोड़ का है। मध्यप्रदेश में गुजरात से अधिक दुधारू पशु हैं जबकि यहां पशुपालन और डेयरी का जीडीपी में योगदान लगभग 8 हजार करोड़ का है। इसे 100 हजार करोड़ बनाने के लिए पशुओं के नस्ल सुधार, अच्छी गुणवत्ता के पशु चारा उत्पादन तथा निकृष्ट साड़ों के बधियाकरण का अभियान चलायें। कलेक्टर हर 15 दिन में पशुपालन विभाग की समीक्षा करके विभाग के निष्क्रिय मैदानी अमलों को सक्रिय करायें। कृत्रिम गर्भाधान का प्रत्येक प्रकरण ऐप में दर्ज करायें। क्षीरधारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करें। पशु चारे के लिए हर विकासखण्ड में साइलेज प्लांट स्थापित करायें।

बैठक में सभी समितियों के खाते सहकारी बैंक में खोलने, बायो फोर्टिफाइड बीज के उपयोग, संरक्षित खेती, मुनगा तथा सुंदरजा आम के क्षेत्र विस्तार, स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना मिल्क रूट बनाने तथा दुग्ध सहकारी समितियों के गठन तथा अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में कमिश्नर कार्यालय से संयुक्त्‍ आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार तथा सभी संभागीय अधिकारी तथा कलेक्टर कार्यालय से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर एवं संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित

रहे।

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