
शाहू महाराज ने सामाजिक क्रांति की मशाल डॉ. आंबेडकर को सौंपी थी : प्रो. स्नेहल गायकवाड़
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। छत्रपति शाहू महाराज दूरदर्शी, जनकल्याणकारी एवं प्रजाहितैषी शासक थे। उन्होंने अस्पृश्यता उन्मूलन, सामाजिक न्याय, शिक्षा और आरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए तथा सामाजिक क्रांति की मशाल आगे बढ़ाते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर को नेतृत्व प्रदान किया। यह बात प्रो. स्नेहल गायकवाड़ ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी), पुणे में छत्रपति शाहू महाराज की जयंती पर आयोजित व्याख्यान में कही।
उन्होंने कहा कि शाहू महाराज ने अपने राज्य में पिछड़े वर्गों को सबसे पहले 50 प्रतिशत आरक्षण दिया और बहुजन एवं वंचित समाज के लिए शिक्षा को अनिवार्य बनाया। उन्होंने अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए कानून लागू किया तथा कला, खेल, कृषि और उद्योग को भी बढ़ावा दिया।
प्रो. गायकवाड़ ने बताया कि कोल्हापुर के माणगांव में आयोजित एक परिषद में शाहू महाराज ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिभा को पहचानते हुए भविष्यवाणी की थी कि वे पूरे हिंदुस्तान के नेता बनेंगे। उन्होंने डॉ. आंबेडकर को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान कर सामाजिक समानता और परिवर्तन की मशाल उनके हाथों में सौंपी।

कार्यक्रम में बार्टी की निबंधक डॉ. सुचिता शिंदे, विभागाध्यक्ष रविंद्र कदम, शुभांगी पाटिल, डॉ. बबन जोगदंड, सहायक लेखाधिकारी उल्हास शिंदे, दामोदर कलसकर, गणेश देशमुख, सोनाली सपकाळ, कार्यालय अधीक्षक प्रज्ञा मोहिते सहित संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने छत्रपति शाहू महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ. सुचिता शिंदे ने प्रो. स्नेहल गायकवाड़ को “लोकराजा राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज” पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन रामदास लोखंडे ने किया, प्रस्तावना प्रज्ञा मोहिते ने रखी तथा आभार डॉ. सारिका थोरात ने व्यक्त किया।



