
एमपीएससी परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग, कांग्रेस ने छात्रों के आंदोलन को दिया समर्थन
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के निर्णय का विरोध करते हुए कांग्रेस ने छात्रों की ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग का समर्थन किया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा कि आयोग को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए और पहले की तरह ऑफलाइन परीक्षा ही आयोजित करनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में तिवारी ने कहा कि लाखों छात्र एमपीएससी परीक्षा की तैयारी में वर्षों की मेहनत और बड़ी राशि खर्च करते हैं। ऐसे में अचानक ऑनलाइन परीक्षा का निर्णय लेने से छात्रों में चिंता और असंतोष का माहौल है। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा में अपनाई जाने वाली नॉर्मलाइजेशन प्रणाली, कई शिफ्टों में परीक्षा तथा निजी एजेंसियों की भागीदारी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन से पहले ही सरकार और पुलिस के माध्यम से उन्हें डराने, बदनाम करने और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि आयोग ने छात्रों के हित में निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन करेगी।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष साहेबराव क्षीरसागर ने कहा कि राज्य के डेढ़ लाख से अधिक छात्र एमपीएससी परीक्षा देने वाले हैं। ऑनलाइन परीक्षा के कारण अतिरिक्त शुल्क, तकनीकी समस्याएं और आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
एमपीएससी अभ्यर्थी सचिन गायकवाड़ ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा लागू करने से पहले कम से कम छह माह की पूर्व सूचना दी जानी चाहिए थी, लेकिन आयोग ने केवल एक माह पहले निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लैपटॉप और इंटरनेट सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस अवसर पर सुजीत वर्तक, भोला वांजले सहित एनएसयूआई और कांग्रेस के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी उपस्थित रहे।


