
ऐतिहासिक भिडे वाडा राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण कार्य का उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने किया निरीक्षण
– महात्मा फुले द्विशताब्दी जयंती वर्ष में ही कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान:पुणे, प्रतिनिधि।
बुधवार पेठ स्थित ऐतिहासिक भिडे वाडा में निर्माणाधीन राष्ट्रीय स्मारक का आज उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं और वास्तुविदों से निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई। उपमहापौर ने निर्देश दिए कि स्मारक का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में तथा महात्मा ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी जयंती वर्ष के भीतर पूरा किया जाए।
क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1848 में इसी भिडे वाडा में भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू कर शिक्षा, समानता और सामाजिक परिवर्तन की ऐतिहासिक नींव रखी थी। इसी कारण यह स्थल भारतीय सामाजिक इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी माना जाता है।
निरीक्षण के दौरान भवन विभाग के अधीक्षक अभियंता बिपिन शिंदे, कार्यकारी अभियंता धायगुडे, उप अभियंता पांडकर तथा वास्तुविद धनंजय सालकर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्मारक की वर्तमान स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और आगामी चरणों की योजना की जानकारी दी।
उपमहापौर वाडेकर ने निर्देश दिए कि स्मारक में आने वाले प्रत्येक नागरिक को महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान की प्रेरणादायक जानकारी मिले, इसके लिए आवश्यक सुविधाएं और जानकारीपरक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।
इस अवसर पर वाडेकर ने भिडे वाडा संरक्षण आंदोलन की याद भी ताजा की। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के आंदोलन में भाग लेने के कारण उनके खिलाफ 11 मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय का उद्देश्य इस ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण कर इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनाना था, और आज उसी संकल्प का राष्ट्रीय स्मारक के रूप में साकार होना संतोष का विषय है।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने वंचितों, शोषितों और महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किया, वह पूरी मानवता के लिए प्रेरणा है। भिडे वाडा राष्ट्रीय स्मारक उनके विचारों और सामाजिक परिवर्तन के संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।


