
कारगिल विजय दिवस पर शहीद मेजर चन्द्रभूषण द्विवेदी को श्रद्धांजलि, युवाओं ने लहराया तिरंगा
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी,बिहार
सीतामढ़ी। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को बाजार समिति प्रांगण, सीतामढ़ी में कारगिल शहीद मेजर चन्द्रभूषण द्विवेदी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के बीच युवाओं ने तिरंगा ध्वज लहराकर कारगिल विजय दिवस मनाया तथा देश के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने कहा कि भारतीय सेना ने विषम परिस्थितियों और दुर्गम ऊंची पहाड़ियों पर अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देते हुए कारगिल युद्ध में दुश्मनों को परास्त कर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में शिवहर निवासी मेजर चन्द्रभूषण द्विवेदी देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके अद्वितीय बलिदान की गाथा सुनकर उपस्थित युवाओं में देशभक्ति का उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व व्यक्त किया।
पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने कहा कि कारगिल युद्ध में बिहार के सैनिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान सबसे पहले बिहार रेजिमेंट के जवानों ने मोर्चा संभाला था तथा सीतामढ़ी जिले के भी दर्जनों सैनिक इस युद्ध में शामिल थे, जिनमें वे स्वयं भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने उस समय एकजुट होकर सेना और सैनिकों का मनोबल बढ़ाया था।
उन्होंने शहीद सैनिकों, उनके परिजनों एवं दिव्यांग सैनिकों के प्रति सरकार की उदासीनता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीतामढ़ी जिले में शहीद स्मारकों की स्थिति भी दयनीय है और जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन का इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है।
कार्यक्रम में शिक्षक मुकेश रजक, संजय यादव, नवनीत यादव, श्रवण कुमार, महेश महतो, सुशील कुमार, संजीव कुमार, कमलेश भारती, संजय प्रसाद, वीरेंद्र यादव, श्याम साह, राजकुमार बैठा, राहुल, प्रशांत झा, प्रवीण, अमन, सिद्धार्थ, रिशु, विवेक, निखिल, राजीव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।



