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मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड का आईपीओ मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को खुलेगा

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड का आईपीओ मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को खुलेगा

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड के ₹2 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 तय किया गया है।

 

फ्लोर प्राइस, इक्विटी शेयरों की फेस वैल्यू का 66.50 गुना है, जबकि कैप प्राइस फेस वैल्यू का 70.00 गुना है।

बिड/ऑफर मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को खुलेगा और गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को बंद होगा। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली लगाने की तारीख सोमवार, 10 अगस्त 2026 होगी।

निवेशक कम-से-कम 107 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 107-107 शेयरों के गुणक (Multiples) में बोली लगा सकते हैं।

एम्प्लॉई रिजर्वेशन पोर्शन के तहत बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर ₹13 की छूट दी जा रही है।

4 अगस्त 2026 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Red Herring Prospectus) का लिंक: https://www.milkymist.com/ipo

प्राइस बैंड विज्ञापन का लिंक: https://epaper.financialexpress.com/4184461/Mumbai/August-06-2026#page/28/1

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: मुंबई महाराष्ट्र 

मुंबई,: मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड (कंपनी) अपने इक्विटी शेयरों के शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंगलवार, 11 अगस्त 2026 से बिड/ऑफर खोलेगी। एंकर इन्वेस्टर के लिए बोली लगाने की तारीख बिड/ऑफर खुलने से एक कार्य दिवस पहले यानी सोमवार, 10 अगस्त 2026 होगी। बिड/ऑफर गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को बंद होगा।

 

एंकर इन्वेस्टर के लिए बोली लगाने की तारीख सोमवार, 10 अगस्त 2026 रहेगी।

 

निवेशक कम-से-कम 107 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 107-107 शेयरों के गुणक में बोली लगा सकते हैं।

 

प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है।

 

ऑफर का कुल आकार [●] ₹2 फेस वैल्यू वाले तक इक्विटी शेयरों का है, जिसकी कुल रकम ₹15,530.00 मिलियन तक होगी।

 

इस ऑफ़र में ₹2 की फेस वैल्यू वाले (x) इक्विटी शेयरों का नया इश्यू (fresh issue) शामिल है, जिनकी कुल कीमत 1428 करोड़ रुपये तक है और साथ ही (x) इक्विटी शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर भी शामिल है, जिनकी कुल कीमत 125 करोड़ रुपये तक है। बिक्री के लिए ऑफ़र में सतीशकुमार टी द्वारा ₹2 की फेस वैल्यू वाले (x) इक्विटी शेयर (कुल कीमत 75 करोड़ रुपये तक) और अनीता एस द्वारा ₹2 की फेस वैल्यू वाले (x) इक्विटी शेयर (कुल कीमत 50 करोड़ रुपये तक) शामिल हैं।

 

एम्प्लॉयी रिजर्वेशन पोर्शन के तहत बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर ₹13 की छूट दी जा रही है।

 

कंपनी ने बुक रनिंग लीड मैनेजर्स से मशविरा करके लागू कानून के तहत प्री-आईपीओ प्लेसमेंट किया। इसके तहत (i) ₹2 फेस वैल्यू वाले 5,43,789 इक्विटी शेयर ₹139.76 प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर (जिसमें ₹137.76 प्रति शेयर का प्रीमियम शामिल है) जारी किए गए। साथ ही (ii) ₹2 फेस वैल्यू वाले 2,50,00,000 अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय वरीयता शेयर ₹139.76 प्रति सीसीपीएस (CCPS) की कीमत पर जारी किए गए। इन दोनों का कुल मूल्य ₹3,570 करोड़ रहा।

 

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के जरिए पेश किए जा रहे इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड में सूचीबद्ध कराने का प्रस्ताव है। इस ऑफर के लिए नामित स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड होगा।

 

यह ऑफर सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957 (SCRR) के नियम 19(2)(b), समय-समय पर किए गए संशोधनों और सेबी आईसीडीआर रेगुलेशंस (SEBI ICDR Regulations) के रेगुलेशन 31 के तहत किया जा रहा है। यह ऑफर सेबी आईसीडीआर रेगुलेशंस के रेगुलेशन 6(1) के मुताबिक बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए लाया जा रहा है। इसके तहत नेट ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों को आनुपात के आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी बुक रनिंग लीड मैनेजर्स से सलाह-मशविरा करके क्यूआईबी हिस्से का अधिकतम 60% हिस्सा अपने विवेक से एंकर इन्वेस्टर्स को आवंटित कर सकती है। एंकर इन्वेस्टर हिस्से का 40% इस तरह आरक्षित रहेगा— (i) 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंड्स के लिए और (ii) 6.67% जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए। यह आवंटन तभी होगा, जब सेबी आईसीडीआर रेग्युलेशन के तहत घरेलू म्यूचुअल फंड्स से एंकर इन्वेस्टर अलॉटमेंट प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त हों।

 

अगर एंकर इन्वेस्टर हिस्से में पर्याप्त सदस्यता नहीं मिलती या आवंटन नहीं हो पाता, तो बची हुई इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी हिस्से (एंकर इन्वेस्टर हिस्से को छोड़कर) यानी नेट क्यूआईबी पोर्शन में जोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा नेट क्यूआईबी पोर्शन का 5% हिस्सा सिर्फ म्यूचुअल फंड्स को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा, जबकि बाकी नेट क्यूआईबी पोर्शन सभी क्यूआईबी (एंकर इन्वेस्टर्स को छोड़कर) जिनमें म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं, को ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर प्राप्त वैध बोलियों के आधार पर आनुपातिक रूप से आवंटित किया जाएगा। हालांकि, अगर म्यूचुअल फंड्स की कुल मांग नेट क्यूआईबी पोर्शन के 5% से कम रहती है, तो बचा हुआ हिस्सा शेष नेट क्यूआईबी पोर्शन में जोड़ दिया जाएगा और उसे सभी क्यूआईबी के बीच आनुपातिक आधार पर बांटा जाएगा।

 

इसके अलावा, (a) नेट ऑफर का कम-से-कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत बोलीदाताओं के लिए उपलब्ध रहेगा। इसमें से एक-तिहाई हिस्सा उन बोलीदाताओं के लिए आरक्षित होगा जिनकी बोली 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक होगी, जबकि दो-तिहाई हिस्सा उन बोलीदाताओं के लिए आरक्षित होगा जिनकी बोली 10 लाख रुपये से अधिक होगी। वहीं (b) नेट ऑफर का कम-से-कम 35% हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए सेबी आईसीडीआर रेगुलेशंस के मुताबिक उपलब्ध रहेगा, बशर्ते उनसे ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। एंकर इन्वेस्टर्स को छोड़कर सभी संभावित बोलीदाताओं के लिए एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (ASBA) प्रक्रिया के जरिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्हें अपने-अपने एएसबीए अकाउंट (ASBA Account) का विवरण देना होगा और यूपीआई के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों को अपनी यूपीआई आईडी (UPI ID) भी देनी होगी। संबंधित बोली राशि को सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंक्स या स्पॉन्सर बैंक (Sponsor Bank), जैसा भी लागू हो, ब्लॉक कर देंगे।

 

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व नाम आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड) इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं।

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