
बार्टी अधिछात्रवृत्ति को लेकर विद्यार्थियों की मंत्री संजय शिरसाट से चर्चा, अगले मंगलवार मंत्रालय में होगी संयुक्त बैठक
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) के तहत पीएच.डी. शोधार्थियों की अधिछात्रवृत्ति की लंबित मांगों को लेकर ‘आंबेडकराइट स्टूडेंट एसोसिएशन’ और फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने पुणे स्थित शासकीय विश्रामगृह में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
बैठक के दौरान मंत्री संजय शिरसाट ने फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को समझा।
प्रतिनिधिमंडल ने बार्टी के तहत केवल 100 सीटें होने से विद्यार्थियों के साथ हो रहे कथित अन्याय तथा 35 वर्ष की आयु सीमा के कारण शोध के क्षेत्र में आने वाली कठिनाइयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विद्यार्थियों की मांगों और मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री संजय शिरसाट ने समस्या का स्थायी और सकारात्मक समाधान निकालने के लिए अगले मंगलवार को मंत्रालय में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों और विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया। बैठक के माध्यम से लंबित मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
मंत्री के आश्वासन का प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत किया है। राहुल डंबाळे, डॉ. राहुल ससाने, सीमा वानखेडे, अक्षय कांबळे, सिद्धार्थ ओव्हाळ, सुरेखा मेश्राम, प्रथमेश सूर्यवंशी और नितीन आंधळे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल विद्यार्थियों की मांगों को लेकर लगातार सरकार के समक्ष मुद्दा उठा रहा है।
‘आंबेडकराइट स्टूडेंट एसोसिएशन’ ने कहा कि मंत्रालय में होने वाली बैठक से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन की तैयारी जारी रहेगी।
संगठन के अनुसार 19 अगस्त 2026 को पुणे समाज कल्याण आयुक्त कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन प्रस्तावित है। मंत्रालय में होने वाली बैठक के परिणाम के साथ-साथ आंदोलन की रणनीति और तैयारियां भी समानांतर रूप से जारी रखी जाएंगी।


